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Ganesh chaturthi 2019: जानिए गणेश जी का विवाह किससे और कैसे हुआ था?

Mon, 02 Sep 2019 12:01 PM IST
ललित फुलारा रिलेशनशिप डेस्क,अमर उजाला
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ganesh chaturthi 2019 - फोटो : ganesh chaturthi 2019
सोमवार से गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू हो गया है। इस दिन को गणपति के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। गणेश भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र हैं। सभी भगवानों से पहले भगवान गणेश की पूजा कार्य सिद्धी के लिए की जाती है। कोई भी शुभ काम हो बिना भगवान गणेश की पूजा के पूरा नहीं होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि भगवान गणेश की शादी किससे और कैसे हुई थी। दरअसल, भगवान गणेश जी का सिर हाथी का और एक दांत टूटा था जिसकी वजह से उनकी शादी नहीं हो पा रही थी। पौराणिक कहानियों में कहा जाता है कि इसकी वजह से गणेश जी से कोई कन्या विवाह करने के लिए तैयार नहीं थी।
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ganesh utsav - फोटो : ganesh utsav
अपने विवाह को नहीं होता देख भगवान गणेश नाराज रहने लगे। भगवान गणेश जी जब किसी दूसरे देवता के विवाह में जाते तो उनके मन को ठेस पहुंचती थी। कहा जाता है कि अपना विवाह नहीं होते देख भगवान गणेश जी ने दूसरे देवताओं के विवाह में भी विघ्न डालना शुरू कर दिया। इस काम में गणेश जी की सहायता उनका वाहन मूषक करता था। 
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चौक सराफा के गहनों से लदे गणपति - फोटो : amar ujala
मूषक गणेश जी के आदेश पाकर दूसरे देवताओं के विवाह मंडप को नष्ट कर देता था। इससे अन्य देवताओं के विवाह में रुकावट आ जाती थी। गणेश और चूहे की मिली भगत से सारे देवता परेशान हो गए और शिवजी को जाकर अपनी गाथा सुनाने लगे, लेकिन भगवान शिव के पास भी इस परेशानी का कोई हल नहीं था। ऐसे में शिव-पार्वती ने देवताओं से कहा कि इसका समाधान ब्रह्मा जी के पास है।
 

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ganesh - फोटो : ga
अब सभी देवता भगवान ब्रह्मा जी के पास गए। भगवान ब्रह्मा योग में लीन थे। कुछ देर बाद देवताओं के समाधान के लिए योग से दो कन्याएं ऋद्धि और सिद्धि प्रकट हुई। दोनों ब्रह्माजी की मानस पुत्री थीं। दोनों पुत्रियों को लेकर ब्रह्माजी गणेशजी के पास पहुंचे और बोले की आपको इन्हे शिक्षा देनी है। गणेशजी शिक्षा देने के लिए तैयार हो गए। जब भी चूहे द्वारा गणेश जी के पास किसी के विवाह की सूचना आती थी तो ऋद्धि और सिद्धि उनका ध्यान भटकाने के लिए कोई न कोई प्रसंग छेड़ देतीं थी। ऐसा करने से हर विवाह बिना किसी बाधा के पूर्ण हो जाता था।     
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ganesh chaturthi 2019 - फोटो : ganesh chaturthi 2019
एक दिन भगवान गणेश जी को सारी बात समझ आ गई। मूषक ने जब भगवान गणेश को देवताओं का विवाह बिना किसी रुकावट के सम्पूर्ण होने के बारे में बताया तो गणेश क्रोधित हो गए। इसके बाद  ब्रह्मा जी उनके सामने ऋद्धि- सिद्धि को लेकर प्रकट हुए और बोलने लगे कि मुझे इनके लिए कोई योग्य वर नहीं मिल रहा है। आप इनसे विवाह कर लें। इस तरह भगवान गणेश का विवाह धूमधाम से ऋद्धि और सिद्धि के साथ हुआ। 
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