शादीशुदा जिंदगी में शारीरिक संबंध काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन आधुनिक लाइफस्टाइल व खराब खान-पान के चलते लोगों के कामेच्छा पर बुरा असर पड़ रहा है। सेक्स ड्राइव को लेकर हर रोज कोई न कोई स्टडी की जा रही है। ताकि लोगों की समस्याओं का हल निकाला जा सके। इसी सिलसिले में सर गंगा राम अस्पताल में एक रिसर्च की गई है जिसमें चौंका देने वाला मामला सामने आया है।
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अध्ययन के अनुसार भारत में 40 साल से ऊपर का हर तीसरा व्यक्ति टेस्टोस्टेरोन की कमी वाले सिंड्रोम (TDS) के कारण कामेच्छा की कमी से ग्रस्त है।
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सर गंगा राम अस्पताल के शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा 745 रोगियों पर अध्ययन किया गया है। इन सभी लोगों में सबसे अधिक सामान्य रूप से दिखाई देने वाले लक्षणों में ऊर्जा की कमी और इसके बाद कामेच्छा में कमी (सेक्स ड्राइव में कमी) है।
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अध्ययन के लेखक डॉ सुधीर चड्ढा ने कहा कि टेस्टोस्टेरोन की कमी सिंड्रोम, विटामिन डी की कमी, मधुमेह और कोरोनरी हृदय रोग के बीच महत्वपूर्ण संबंध है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि टीडीएस हमारी अध्ययन आबादी में 28.99 प्रतिशत की व्यापकता के साथ एक वास्तविक घटना है, जिसका मतलब है कि 40 वर्ष से अधिक उम्र का हर तीसरा व्यक्ति टेस्टोस्टेरोन की कमी से पीड़ित है।