बुरा महसूस न करें?
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बुरा महसूस न करें?
यह स्वीकार करना जरूरी है कि आप हर समय हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं रह सकतीं। कभी-कभी अपनों को अपनी परिस्थितियों से खुद ही निपटना होता है। हर बार मदद न कर पाने पर बुरा महसूस करना स्वाभाविक है, लेकिन यह आत्मग्लानि नहीं, समझदारी का संकेत है। इसलिए अपनी भावनाओं को निंयत्रित करना सीखें, तभी आप रिश्तों को दिल से निभा पाएंगी।
इमोशनल इंटेलिजेंस विकसित करें
वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. हेमा खन्ना बताती हैं, जब आप भावनात्मक रूप से कमजोर होती हैं, तो लोग आसानी से आपका फायदा उठा सकते हैं, क्योंकि आपको सीमाएं तय करने या ‘न’ कहने में कठिनाई होती है। इस कमजोरी के चलते दूसरे लोग आपकी भावनाओं से खेल सकते हैं, जैसे- अपराध-बोध, सहानुभूति या दबाव डालकर अपना स्वार्थ साध सकते हैं। इससे आप रिश्तों में शोषित महसूस करती हैं। इसलिए इमोशनल इंटेलिजेंस विकसित करना जरूरी है। यह आपको आत्मनियंत्रण, सहानुभूति और सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना सिखाता है। इससे आप तनावपूर्ण स्थितियों को बेहतर ढंग से संभालती हैं, जिससे रिश्ते मजबूत होते हैं।