इसके विपरीत, अगर आपके मौजूदा साथी का मिजाज आपके पुराने पार्टनर से मिलता है, तो उससे मजबूत रिश्ता कायम करना आसान होगा। तो, तलाक के बढ़ते मामलों के लिए इस बात को दोष न दें कि लोगों को 'उनके टाइप' का साथी नहीं मिला, इसलिए तलाक हो गया।
वैसे, इस तरह के रिसर्च का ये मतलब नहीं है कि अपने सोलमेट की तलाश आप को खत्म कर देनी चाहिए। जीवनसाथी के चुनाव में बहुत से मुद्दे असर डालते हैं। लेकिन, अगर आप का नया रिलेशनशिप स्टेटस, पहले जैसा ही दिखे, तो ये हैरानी की बात नहीं होगी।