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नए पार्टनर में आप अपने एक्स को क्यों तलाशते हैं? आपके टाइप का कोई है भी या नहीं?

Mon, 02 Mar 2020 01:06 PM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
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Relationship
आपने ब्रेकअप के बाद अक्सर लोगों को ये कहते सुना होगा कि वो मेरे टाइप की नहीं थी या नहीं था। उसका और मेरा मिजाज नहीं मिलता था या फिर किसी के साथ एक-दो डेट पर जाने के बाद ही लोग कहने लगते हैं कि वो मेरे जैसा/जैसी नहीं है। रिश्तों के इस नए दौर में 'मेरे टाइप के' साथी की तलाश अंतहीन है। पर, क्या किसी ने भी ये जानने की कोशिश की है कि दुनिया में 'मेरे टाइप के' के जैसी कोई चीज है भी या नहीं?
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एक रिसर्च से ये बात तो सामने आई है कि हम उम्र का फासला शिक्षा, बालों के रंग और लंबाई को देख कर अपने साथी चुनते हैं। लेकिन, इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि लोग अपने मिजाज के हिसाब से खास तरह का पार्टनर तलाशते हैं।

लेकिन, रिसर्च के जो नतीजे सामने आए हैं, उससे ये पता चलता है कि अगर आप अपने टाइप के पार्टनर को खोज रहे हैं, तो आपको आईने में देखने की जरूरत है। ये रिसर्च, जर्मनी में 12 हजार से ज्यादा लोगों पर करीब 9 साल तक की गई थी। इस में वही लोग शामिल किए गए थे, जो खुले मिजाज के थे। जो नए तजुर्बे करने के लिए राजी थे। जो आसानी से किसी से सहमत हो जाते थे और ईमानदार थे।
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relationship - फोटो : pixa
रिसर्च टीम ने इन लोगों के रोमांटिक संबंधों पर पूरे नौ बरस तक नजर रखी। इन लोगों से ये भी कहा गया था कि वो अपने पार्टनर को भी इस रिसर्च का हिस्सा बनने के लिए राजी करें। 9 साल बाद इस रिसर्च में केवल 332 लोग ऐसे बचे थे, जो कम से कम दो रूमानी रिश्तों में जुड़े। इतने बड़े सर्वे में केवल 332 लोगों का एक से ज्यादा रोमांटिक रिलेशनशिप में रहना चौंकाने वाली बात थी। लेकिन, इससे रिसर्च एक नतीजे पर पहुंच सके, इन 332 लोगों ने अपने मौजूदा साथियों की वही खूबियां बताईं, जो उनके पुराने पार्टनर में थीं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इसका मतलब ये हुआ कि रिसर्च में शामिल लोग भले ही ये मान रहे थे कि अपने साथी को लेकर उनकी अपेक्षाएं बदल गईं। लेकिन, हकीकत ये थी कि वो अपने पार्टनर में कुछ खास गुण तलाश रहे थे और वो गुण उन्हें पहले पार्टनर में भी मिला और दूसरे में भी। तभी वो उनसे जुड़ सके।

क्यों ढूंढते हैं अपने टाइप पार्टनर
अब आप ये बात मानें या न मानें, अगर आप किसी साथी को तलाश रहे हैं, तो हो सकता है कि जिसकी तलाश हो उसमें आप अपने एक्स यानी पुराने पार्टनर जैसे गुण ही खोजते हैं और मिलने पर उसके साथ आसानी से जुड़ जाते हैं। मजे की बात ये है कि जर्मनी में जो रिसर्च हुई, उसमें न केवल साथियों के गुण एक जैसे थे, बल्कि कइयों के तो पार्टनर भी वही थे, यानी पुराने वाले।
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relationship - फोटो : pixa
अपने रोमांटिक साथी में अपने जैसे गुण तलाशना कोई ग़ैर मामूली बात नहीं है। हम सब अपने आस-पास के ऐसे ही लोगों से जुड़ते हैं, जिनसे हमारे विचार और आदतें मेल खाती हैं। ऐसे रिश्तों में आप को अपने खयालात और आदतें नहीं बदलनी होतीं। हां, कुछ लोग जीवन में नए-नए प्रयोग करने के लिए अलग-अलग साथियों के साथ वक़्त बिताकर उन्हें आजमाते हैं।

रिसर्च से ये भी पता चला कि बहिर्मुखी लोगों के अपने जैसी खूबियों वाले साथी से रूमानी रिश्ते बनाने की संभावना बहुत कम ही होती है। तो, अगर हमारे रिश्ते हमारी सोच के समर्थक लोगों से बनते हैं. पर, अगर हम खुले जहन के हैं, तो हम जीवन में नए तरह के साथी के साथ भी तजुर्बे कर सकेंगे, ताकि दुनिया को देखने का एक नया नजरिया हमें मिले।
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relationship - फोटो : pixa
फायदा
इस रिसर्च से ऑनलाइन डेटिंग के लिए भी नई उम्मीदें जगी हैं। जैसे संगीत सुनाने वाले ऐप आप की पसंद के हिसाब से गाने सुझाते हैं। वैसे ही, डेटिंग ऐप भी आप को आप के मिजाज के हिसाब से ही ऐसे लोगों से जुड़ने का सुझाव देंगे, जिनका व्यवहार आप से मिलता हो। अब रिसर्च से हमें ये तो पता नहीं चला कि ऐसे रिश्ते कितने समय तक चले। इसलिए, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कोई रिश्ता कितने दिन तक चलने वाला है।

अपने पार्टनर के साथ बहुत ज्यादा समानता आपके विकास में बाधक बन सकती है. अगर, आप से जुड़ने से पहले आपके पार्टनर का कोई पुराना रिश्ता रहा है, तो वो आप के लिए मुसीबत भी बन सकता है। क्योंकि नए साथी के गुण उसके पुराने पार्टनर से मिलते होंगे, तो आप के लिए ये फिक्र और नाउम्मीदी की बात है।
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रिश्ता
इसके विपरीत, अगर आपके मौजूदा साथी का मिजाज आपके पुराने पार्टनर से मिलता है, तो उससे मजबूत रिश्ता कायम करना आसान होगा। तो, तलाक के बढ़ते मामलों के लिए इस बात को दोष न दें कि लोगों को 'उनके टाइप' का साथी नहीं मिला, इसलिए तलाक हो गया।

वैसे, इस तरह के रिसर्च का ये मतलब नहीं है कि अपने सोलमेट की तलाश आप को खत्म कर देनी चाहिए। जीवनसाथी के चुनाव में बहुत से मुद्दे असर डालते हैं। लेकिन, अगर आप का नया रिलेशनशिप स्टेटस, पहले जैसा ही दिखे, तो ये हैरानी की बात नहीं होगी।
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