फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diwali 2020: इस दिवाली माता-पिता बच्चों को सिखाएं ये 5 चीजें

Sat, 14 Nov 2020 02:16 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
संस्कारों की यात्रा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक अनवरत चलती रहती है। जो ज्ञान और अनुभव हमने अर्जित किया है वह आने वाली पीढ़ी से साझा करना हमारा कर्तव्य है। दिवाली का त्योहार एक ऐसा ही समय है जब आप अपने परिवार, अपनी संस्कृति से जुड़ी कई बातें बच्चों को सिखा सकते हैं। अगली स्लाइड्स से जानें, वे 5 चीजें जो इस दिवाली माता- पिता अपने बच्चों को सिखा सकते हैं। 
विज्ञापन

2 of 6
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों को बताएं दिवाली की महत्ता
बच्चों को ये बताएं कि साफ़-सफ़ाई कितनी ज़रूरी है, और यह रिवाज भारतीय परम्परा में क्यों हैं। दरअसल, प्राचीन समय में सभी के घर मिट्टी के होते थे और दीपावली के पहले वर्षा ऋतु की विदाई होती है। इसलिए दीपावली के मौक़े पर घरों की लिपाई-पुताई की जाती थी, ताकि बारिश के कारण हुए नुक़सान, फफूंद और कीड़ों आदि को भगाकर घर की मरम्मत की जा सके। और फिर रामजी तथा लक्ष्मीजी के घर आने का प्रसंग तो शाश्वत है ही।
विज्ञापन

3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : facebook
सहयोग करना सिखाएं
दिवाली की साफ़-सफ़ाई में पुराने कपड़े भी निकलते हैं जिन्हें ज़रूरतमंदों को दे दिया जाता है। बच्चों के हाथों से पुराने कपड़ों को दिलवाएं और यह भी सुनिश्चित करें कि कपड़े धुले तथा इस्त्री किए गए हों, जिससे कपड़े लेने वाले का भी मान बढ़े।
 

4 of 6
- फोटो : अमर उजाला
कथासंसार में ले जाएं
दिवाली से जुड़ी तमाम पौराणिक कथाएं लोगों को कंठस्थ रहती हैं। इन्हीं कहानियाें को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी हमारी भी है। रामायण, महाभारत आदि से जुड़ी कहानियां इस मौक़े पर सुनाई जा सकती हैं। साथ ही माता-पिता समय मिलने पर बच्चों के साथ अपने समय के दिवाली के अनुभव भी साझा कर सकते हैं कि उस समय किस तरह की तैयारी होती थी, कैसे पकवान बनते थे, किस तरह की आतिशबाज़ियां वे किया करते थे।
विज्ञापन

5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
त्योहार को मनाने का तरीका सिखाएं
बच्चों को जो भी पकवान पसंद है या उन्हें जिस तरह का डेकोरेशन पसंद है, उसे तैयार करने में आप उनकी मदद ले सकते हैं। पसंद के काम को बच्चे दोगुने उत्साह के साथ करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
रोशनी का प्रसार सिखाएं
बच्चों को ही यह कार्य दें कि कोई ऐसी जगह देखें जहां पर वाकई में रोशनी का आवश्यकता है जैसे गली का कोई मोड़, घर का कोई कोना आदि। इन जगहों पर दिवाली के दिन बच्चों को ऐसी जगहों पर दीये लगाने के लिए प्रेरित करें। आसपास के किसी मंदिर भी आप उन्हें ले जा सकते हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें