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पति-पत्नी की लड़ाई में तीसरे व्यक्ति की सलाह कब बचाती है रिश्ता और कब बिगाड़ देती है बात?

Tue, 08 Sep 2026 03:36 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Relationship tips: छोटी-छोटी बातों में दूसरों को शामिल करने के बजाय पार्टनर के साथ बातचीत करना रिश्ते की नींव मजबूत करता है। वहीं, जब समस्या गंभीर हो, बार-बार दोहराई जा रही हो या दोनों लोग खुद समाधान नहीं खोज पा रहे हों, तो सही और निष्पक्ष मदद लेना समझदारी हो सकती है।
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कपल की लड़ाई ने बाहर वालों की सलाह ले या नहीं - फोटो : Ai
Couple Fight: हर रिश्ते में मतभेद और छोटी-बड़ी लड़ाइयां होना असामान्य नहीं है। दो अलग व्यक्तित्व, अलग सोच, अलग आदतें और अलग भावनात्मक जरूरतें जब एक रिश्ते में साथ आती हैं, तो कभी-कभी टकराव होना स्वाभाविक है। लेकिन मुश्किल तब शुरू होती है, जब कपल अपनी हर लड़ाई और निजी बात किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या दूसरे व्यक्ति के साथ साझा करने लगते हैं। गुस्से और दुख के समय हमें अक्सर किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत महसूस होती है, जो हमारी बात सुने और हमें सही रास्ता दिखाए। ऐसे में तीसरे व्यक्ति की सलाह कभी रिश्ते को टूटने से बचाने में मदद कर सकती है, तो कभी वही सलाह गलतफहमी और दूरी को और बढ़ा सकती है।
 
दरअसल, हर व्यक्ति अपने अनुभव, सोच और रिश्तों को अपने नजरिए से देखता है। इसलिए किसी दोस्त या रिश्तेदार की सलाह आपके रिश्ते के लिए हमेशा सही हो, यह जरूरी नहीं है। कई बार बाहरी व्यक्ति पूरी कहानी जाने बिना राय बना लेता है और उसकी सलाह केवल एक पक्ष को सही ठहराने लगती है। वहीं, कुछ गंभीर परिस्थितियों में एक निष्पक्ष और समझदार व्यक्ति की मदद Couple को बातचीत का सही तरीका और समाधान खोजने में मदद कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि यह समझा जाए कि रिश्ते की लड़ाई में तीसरे व्यक्ति की सलाह कब मददगार है और कब नुकसानदायक साबित हो सकती है।
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रिलेशनशिप - फोटो : Freepik
जब दोनों लोग एक ही बात पर बार-बार लड़ रहे हों
 
अगर किसी कपल के बीच एक ही मुद्दे को लेकर बार-बार विवाद हो रहा है और दोनों बातचीत के बावजूद समाधान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो किसी निष्पक्ष व्यक्ति की मदद उपयोगी हो सकती है। ऐसा व्यक्ति दोनों की बात सुनकर समस्या को अलग नजरिए से समझने में मदद कर सकता है। हालांकि सलाह देने वाला व्यक्ति ऐसा होना चाहिए, जो किसी एक पक्ष का पक्ष लेने के बजाय स्थिति को संतुलित तरीके से देख सके।
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रिलेशनशिप - फोटो : Freepik
जब भावनाओं में आकर फैसला लेना मुश्किल हो
 
लड़ाई के दौरान गुस्सा, दुख और निराशा अक्सर सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे समय में किसी भरोसेमंद और समझदार व्यक्ति से बात करना भावनाओं को संभालने में मदद कर सकता है। लेकिन यहां सलाह लेने और निर्णय किसी दूसरे के हाथ में सौंप देने में फर्क है। अंतिम फैसला हमेशा उस व्यक्ति को लेना चाहिए, जिसका रिश्ता और जीवन उस निर्णय से प्रभावित होने वाला है।

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घरेलू हिंसा में पति के पास क्या अधिकार होते हैं? - फोटो : Adobe Stock
जब गंभीर समस्या हो तो मदद लेना जरूरी हो सकता है
 
अगर रिश्ते में लगातार डर, धमकी, नियंत्रण, हिंसा या किसी तरह का गंभीर व्यवहार मौजूद है, तो केवल दोस्तों की सलाह पर निर्भर रहने के बजाय भरोसेमंद परिवार, संबंधित सहायता सेवाओं या प्रशिक्षित विशेषज्ञ की मदद लेना महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में समस्या को छिपाकर रखना या यह सोचकर सहन करना कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा, सही विकल्प नहीं होता।
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parenting tips - फोटो : Adobe stock
दोस्त या परिवार की सलाह कब नुकसान कर सकती है?
 
हर रिश्ते की पूरी सच्चाई केवल उस कपल को पता होती है, जो उस रिश्ते को जी रहा होता है। जब कोई व्यक्ति सिर्फ अपनी तरफ की कहानी बताता है, तो सलाह देने वाला स्वाभाविक रूप से उसी के नजरिए से प्रभावित हो सकता है। इसके बाद वह पार्टनर के प्रति नकारात्मक राय बना सकता है। बाद में कपल के बीच सुलह हो भी जाए, लेकिन तीसरे व्यक्ति के मन में बनी नकारात्मक छवि लंबे समय तक रह सकती है।
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परिवार - फोटो : istock
हर छोटी बात दूसरों से शेयर करना क्यों ठीक नहीं?
 
रिश्ते में कुछ बातें निजी होती हैं और उन्हें सबसे पहले पार्टनर के साथ बातचीत करके सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। हर छोटी बहस, नाराजगी या गलतफहमी दोस्तों और परिवार तक पहुंचने लगे तो रिश्ते की प्राइवेसी कम होने लगती है। इसके अलावा, बाहर से मिलने वाली अलग-अलग सलाह कपल को और ज्यादा भ्रमित कर सकती है।
 
सलाह लेने के लिए सही व्यक्ति कैसे चुनें?
 
अगर आपको वास्तव में किसी से सलाह लेनी है, तो ऐसे व्यक्ति को चुनें जो आपकी बात सुनने के साथ-साथ आपकी गलती भी बता सके। केवल वही सलाहकार उपयोगी नहीं होता जो हर स्थिति में आपको सही ठहराए। समझदार व्यक्ति वह होता है, जो भावनाओं को भड़काने के बजाय शांत रहने, बातचीत करने और समस्या को समझने में मदद करे। गंभीर और लगातार चल रही संबंध समस्याओं में प्रशिक्षित काउंसलर या योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद अधिक उपयोगी हो सकती है।
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Relationship Tips - फोटो : Adobe stock
कपल को पहले आपस में क्या करना चाहिए?
 
किसी तीसरे व्यक्ति को बीच में लाने से पहले कपल को शांत होकर आपस में बातचीत करने की कोशिश करनी चाहिए। आरोप लगाने के बजाय अपनी भावनाओं और जरूरतों के बारे में बात करें। लड़ाई के समय तुरंत फैसला लेने से बचें और जरूरत पड़ने पर थोड़ी देर का ब्रेक लें। कई बार समस्या बहुत बड़ी नहीं होती, लेकिन गुस्से और गलत संवाद के कारण बड़ी दिखाई देने लगती है।
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