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Navratri Day 9 Wishes: 'अगले बरस मां फिर से आना', इस कामना के साथ प्रियजनों को दें नवमी की शुभकामनाएं

Sat, 05 Apr 2025 04:23 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

इस बार चैत्र नवरात्रि आठ दिन की ही पड़ी, जिसकी शुरुआत 30 मार्च 2025 से हुई और समापन नवमी तिथि को यानि 6 अप्रैल को हो रहा है।
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मां सिद्धदात्री - फोटो : Adobe
Navratri Day 9 Wishes : नवरात्रि मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित पर्व है, जिसे 9 दिनों तक माता के जयकारों और भजनों के साथ मनाया जाता है। इस बार चैत्र नवरात्रि आठ दिन की ही पड़ी, जिसकी शुरुआत 30 मार्च 2025 से हुई और समापन नवमी तिथि को यानि 6 अप्रैल को हो रहा है। चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन मां दुर्गा के नवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। साथ ही इस तिथि पर राम नवमी यानी रामलला का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। 

देवी भक्त इस दिन मां सिद्धिदात्री की उपासना करते हैं और अपने उपवास का पारण करते हैं। आप भी नवरात्रि के अंतिम दिन को माता के जयकारों के साथ मनाएं। अगले बरस मां फिर से आना, इस कामना के साथ अपने प्रियजन को नवरात्रि की महानवमी तिथि की शुभकामनाएं दे।
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नवरात्रि दुर्गा नवमी की शुभकामनाएं - फोटो : Amar Ujala
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चैत्र नवरात्रि के भक्तिमय शुभकामना संदेश - फोटो : Adobe
शेरों वाली मैया के दरबार में दुख-दर्द मिटाने जाते हैं
जो भक्त दर पर आते हैं, मां की शरण वही पाते हैं।

शुभ नवमी

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शुभ  नवमी - फोटो : Amar Ujala
माता के नौ रूपों में छिपा है सृष्टि का सार,
जग में है नवदुर्गा की महिमा अपरंपार।
ज्ञान बढ़ाए-विवेक बढ़ाएं, बांटे सबको प्यार,
तीन लोग में होती है माता की जय-जयकार।

शुभ नवमी
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शुभ  नवमी - फोटो : adobe stock
मैया की कृपा से बन रहे हैं सभी के बिगड़े काम
मेरी मैया पालनहार, रखना कृपा हम पर हर बार।

शुभ  नवमी
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शुभ  नवमी - फोटो : Amar Ujala
जय सिद्धिदात्री तू सिद्धि की दाता
तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता, 
तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि
तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि
कठिन काम सिद्ध कराती हो तुम
हाथ सेवक के सर धरती हो तुम,
तेरी पूजा में न कोई विधि है
तू जगदंबे दाती तू सर्वसिद्धि है
रविवार को तेरा सुमरिन करे जो
तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो, 
तू सब काज उसके कराती हो पूरे
कभी काम उस के रहे न अधूरे
तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया
रखे जिसके सर पैर मैया अपनी छाया,
सर्व सिद्धि दाती वो है भाग्यशाली
जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली
हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा
महानंदा मंदिर में है वास तेरा,
मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता
वंदना है सवाली तू जिसकी दाता... 
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