नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्रि में इस साल 15 अप्रैल को मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी। ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा ने ये स्वरूप दानवों का संहार करने के लिए धरा था। ऐसे में जो भी व्यक्ति माता रानी के इस रूप की सच्चे मन से पूजा करता है, उसके सभी दुखों का नाश होता है। कालरात्रि देवी अपने भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करती हैं, यही वजह है कि इन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है।
मां कालरात्रि की पूजा-आराधना से भय और रोग का नाश होता है। साथ ही भूत प्रेत, अकाल मृत्यु, रोग, शोक आदि सभी प्रकार की परेशानियां भी समाप्त हो जाती हैं। ऐसे में आप अपने करीबियों को सप्तमी के कुछ शुभ संदेश और माता रानी के मंत्र भेज सकते हैं, ताकि उनका दिन भी अच्छा जाए और माता रानी उन पर भी अपनी कृपा बरसाएं।