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आपका झगड़ा बच्चों को कहीं अवसाद तो नहीं दे रहा?

Tue, 09 Jul 2019 10:41 AM IST
ललित फुलारा पेरेंटिंग डेस्क, अमर उजाला
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बच्चों में अवसाद - फोटो : pixabay
शारीरिक, रसायनिक और भावनात्मक किसी भी तरह की प्रतिक्रिया बच्चों को अवसाद में डाल सकती है। बेहद ज्यादा उलझन वाली स्थिति होने पर भी बच्चे अवसाद में चले जाते हैं। कहीं ऐसा तो नहीं आपकी वजह से आपके बच्चे अवसाद में जी रहे हों और आपको अंदाजा तक न हो। दरअसल, अवसाद सिर्फ बड़ों को ही नहीं घेरता बल्कि बच्चों को भी अपना शिकार बनाता है। अवसाद की वजह से जिस तरह बड़े टूट जाते हैं, उसी तरह बच्चे भी भीतर से बिखर जाते हैं। हालांकि, बच्चों में होने वाला सभी तरह का अवसाद उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाता लेकिन अगर बच्चे अभिभावकों की वजह से अवसाद में हैं तो इसके घातक परिणाम हो सकते हैं।
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पति-पत्नी का झगड़ा - फोटो : pixabay
बच्चे हर उम्र में अवसाद को महसूस करते हैं। लेकिन यह अवसाद अलग-अलग तरह का होता है। मसलन पढ़ाई, स्कूल और अपने विकास को लेकर भी बच्चे अवसाद महसूस करते हैं। लेकिन यह बच्चों को इतना प्रभावित नहीं करता जितना घर में मां-बाप के झगड़े की वजह से होने वाला अवसाद उन्हें प्रभावित करता है।

 
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घरेलू हिंसा - फोटो : pixabay
अगर किसी घर में पति-पत्नी रोज झगड़ा करते हैं। वहां अलगाव की स्थित बन रही होती है तो इसका बच्चों पर मानसिक और भावनात्मक तौर पर बेहद गहरा प्रभाव पड़ता है। बच्चे अवसाद से घिर जाते हैं और उनके बाल मन पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं होने लगती हैं। मां-बाप की वजह से होने वाला अवसाद बच्चों को अकेला कर देता है। उनके भीतर परिवार, भविष्य और रिश्तों को लेकर डर भर देता है। इसलिए, अगर आपकी वजह से आपके बच्चे अवसाद में जी रहे हैं तो पारिवारिक कलह से उनको दूर रखें।

 

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couple fight
घरेलू हिंसा, मां-बाप के अलगाव के अलावा भी बच्चों को दूसरी वजहों से अवसाद होता है। इसमें अचानक नए घर में शिफ्ट होने, नए स्कूल और नए लोगों के बीच जाने पर होने वाला अवसाद भी शामिल है। लेकिन यह अवसाद वक्त के साथ धीरे-धीरे कम हो जाता है और बच्चों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाता।

 
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crying child - फोटो : pexels.com
इसके अलावा, घर में किसी की मृत्यु होने और किसी करीबी को खो देने की वजह से भी बच्चे अवसाद में घिर जाते हैं। बच्चे अगर किसी जानवर को घर में प्यार करते हैं और अचानक उसकी मौत हो जाती है तब भी बच्चे भावनात्मक तौर पर अवसाद महसूस करते हैं लेकिन इन सबमें सबसे ज्यादा खतरनाक अवसाद घरेलू हिंसा की वजह से होना है।
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parents - फोटो : parents
आप क्या करें?
अगर आपके और आपके पार्टनर के बीच रिश्ते को लेकर मनमुटाव हो रहा है तो बच्चों को इसमें शामिल न करें। बच्चों को अपने बीच की लड़ाई से दूर रखें और उनके सामने आपस में लड़ना झगड़ना बंद कर दें। बच्चों को सामने न ही एक-दूसरे को भला बुरा कहें। कई अभिभावकों की आदत होती है कि वह बच्चों के सामने ही, झगड़ने लगते हैं और एक-दूसरे को भला बुरा कहने लगते हैं। बच्चों का इस पर बेहद गहरा प्रभाव पड़ता है और वह खुद को बेहद अकेला महसूस करने लगते हैं।  
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