शारीरिक, रसायनिक और भावनात्मक किसी भी तरह की प्रतिक्रिया बच्चों को अवसाद में डाल सकती है। बेहद ज्यादा उलझन वाली स्थिति होने पर भी बच्चे अवसाद में चले जाते हैं। कहीं ऐसा तो नहीं आपकी वजह से आपके बच्चे अवसाद में जी रहे हों और आपको अंदाजा तक न हो। दरअसल, अवसाद सिर्फ बड़ों को ही नहीं घेरता बल्कि बच्चों को भी अपना शिकार बनाता है। अवसाद की वजह से जिस तरह बड़े टूट जाते हैं, उसी तरह बच्चे भी भीतर से बिखर जाते हैं। हालांकि, बच्चों में होने वाला सभी तरह का अवसाद उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाता लेकिन अगर बच्चे अभिभावकों की वजह से अवसाद में हैं तो इसके घातक परिणाम हो सकते हैं।