दो लोग जब विवाह के बंधन में बंधते हैं तो वे एक बहुत खूबसूरत जीवन यात्रा की ओर चल पड़ते हैं। लेकिन आजकल की जीवनचर्या में जहां पति-पत्नी दोनों घर की बागडोर संभाल रहे होते हैं, वहां इसे निभाना इतना भी आसान नहीं हो पाता है। सिर्फ प्रेम से दाम्पत्य जीवन संपन्न नहीं बनता बल्कि इसमें सम्मान, आपसी समझ, धैर्य आदि भावों का होना भी आवश्यक है। जब दाम्पत्य जीवन में तालमेल नहीं बैठता है, तो तलाक की नौबत आ जाती है। तलाक मानसिक रुप से दोनों ही पक्षों पर लंबे समय के लिए हावी होता है। इसलिए जरूरी है कि तलाक के नतीजे पर पहुंचने से पहले थैरेपी, आपसी समझ और माफ करके रिश्ते को बचाया जाए। अगली स्लाइड्स में जानें तलाक लेने से पहले मनोचिकित्सकों की किन सलाहों को मानकर रिश्ते को दिया जा सकता है एक और मौका।