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गलतफहमी के कारण बढ़ न जाए रिश्तों में दूरी, कुछ इस तरह करिए बातचीत

Sun, 12 Apr 2020 10:12 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
किसी भी समस्या का हल बातचीत से निकाला जा सकता है। स्वस्थ बातचीत हर रिश्ते की नींव होती है। आप अपने विचारों को कैसे व्यक्त करती हैं, इससे भी फर्क पड़ता है। अगर आप बेहतर संवाद कर सकती हैं, तो आपके अपने साथी के साथ संबंध और मजबूत होंगे। यहां ऐसे ही चार तरीके दिए गए हैं, जो आपको अपने विचारों को व्यक्त करने में मदद करेंगे। अगर आपके रिश्ते में भी सही बातचीत के वजह से दरार बढ़ती जा रही है तो आपको इसे दूर करने के लिए सही बातचीत बहुत जरूरी है। 
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रिलेशनशिप - फोटो : फाइल फोटो
सही ढंग से रखें बात 
कभी-कभी हम अपने साथी से उम्मीद करते हैं, कि वह हमारी बातों के पीछे छिपे हुए असल मतलब को समझे, लेकिन इस सोच पर निर्भर रहना या इसकी इच्छा भी रखना, सच में उचित नहीं है। यह सोचने के बजाय आप अपने विचारों को सीधे तौर पर उनके सामने रखने की कोशिश करें। जब आप अपनी बात रखें, तो अपनी बातों के अर्थ को समझाने के लिए कुछ उदाहरण भी रखें, ताकि आपकी बोली जा रही बातों को आपका साथी सही मायने में समझ जाए।
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रिलेशनशिप - फोटो : Pixabay
बॉडी लैंग्वेज पर दें ध्यान
सकारात्मक बॉडी लैंग्वेज आपकी चर्चा को भी सकारात्मक बनाने में मदद करेगी। अपने साथी की आंखों में देखें और उसकी ओर झुकाव रखें। आप चाहें, तो संकेतों को दर्शाने के लिए अपने हाथों का इस्तेमाल भी कर सकती हैं, लेकिन याद रखें कि इन्हें इतना ज्यादा भी हिला-हिलाकर बात न करें कि आप अपना नियंत्रण ही खो दें। अपने हाथों को अपनी छाती के सामने बांधकर न रखें, नहीं तो आपके साथी को लगने लगेगा कि आप पहले से अपना निर्णय ले चुकी हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
साथी की जगह खुद को रखें
किसी विशेष परिस्थिति में आपके साथी का क्या दृष्टिकोण होगा, यह जानने के लिए आपको पहले खुद को उसकी जगह पर रखकर अपनी कल्पना शक्ति का इस्तेमाल करके ठीक उसी की तरह से सोचना होगा। इस बात से भी वाकिफ रहें कि हो सकता है, यहां पर कुछ ऐसी बातें भी हों, जिनके बारे में आपको कुछ भी जानकारी न हो। जब वह बोल रहा हो, तो एक बार उसके नजरिए से भी सोचने की कोशिश करें। इससे आपको यह समझने में आसानी होगी कि आपका व्यवहार या परिस्थिति उसे कितना परेशान कर रही है और क्यों? जब आप गुस्से में रहती हैं या दुखी रहती हैं, तो बहस के अलावा कुछ सोच पाना आपके लिए बेहद कठिन साबित होता होगा, लेकिन यह तरकीब आपको समस्या का बहुत जल्दी ही समाधान देगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विश्वास के साथ रखें अपने विचार
इसका मतलब यह नहीं है कि आपको इस तरह से पेश आना है कि आप किसी के साथ बिजनेस मीटिंग कर रही हैं। ऐसे न दर्शाएं कि कमरे में आपका अधिकार चल रहा है, बलि्क इस परिस्थिति में जितना ज्यादा हो सके, एकदम अनुकूल होकर अपना आत्मविश्वास दर्शाएं। बीच-बीच में मुस्कुराएं, सावधानी से बोलें और बिल्कुल भी न हिचकिचाएं। जितने ज्यादा सवाल कर सकें, करें या फिर अपनी बात कहते वक्त जरा सी अनिश्चितता दर्शाएं कि आप क्या कहना चाहती हैं। यदि आपके साथी को आपकी भावनाओं पर जरा भी शक होगा तो वह आपको बातों को गंभीरता से नहीं लेगा।
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