कई बार शांत मन एकदम से बेचैन हो जाता है। ऐसा महसूस होता है कि जैसे दुनिया का सारा शोर आसपास ही है। मन की शांति के लिए लोग हर जगह भटकते हैं जहां सुकून मिल सके। दोबारा खुशी और सकारात्मकता की तलाश के लिए दुनिया भर में भटकने की जरुरत नहीं है। बल्कि खुद में परीवर्तन तलाशना होगा। आइए जानते हैं कैसै खुद में सुकून का जरिया ढूढ़ सकते हैं।