खंडग्रास चंद्रग्रहण 16/17 जुलाई की रात्रि में 01:32 बजे से प्रारंभ होकर प्रात: 4:31 बजे तक रहेगा। इस ग्रहण का मध्य काल 3:08 बजे होगा। भारतीय ज्योतिष के अनुसार ग्रहण में सूतक 9 घंटे पहले लग जाता है। इस कारण इस चंद्र ग्रहण का सूतक 16 जुलाई को शाम को 4:30 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि ग्रहण के दौरान इसके असर से बचने के लिए भूलकर भी रात को ये काम नहीं करने चाहिए।
विज्ञापन
2 of 5
क्या न करें
-ग्रहण के दौरान खाना बनाना और खाने का सेवन करना सख्त वर्जित होता है। इसके अलावा सिर पर तेल भी लगाने की मनाही होती है।
-माना जाता है ग्रहण काल में पका हुआ भोज्य पदार्थ पूरी तरह से जहर में बदल जाता है।
-चंद्र ग्रहण के दौरान वायुमंडल में बैक्टीरिया और संक्रमण का प्रकोप तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में भोजन करने से संक्रमण अधिक होने की आशंका रहती है। इसलिए ग्रहण के दौरान भोजन खाने से बचना चाहिए।
-ग्रहण के समय पति और पत्नी को शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। इस दौरान यदि गर्भ ठहर गया तो संतान विकलांग या मानसिक रूप से विक्षिप्त तक हो सकती है।
-ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
3 of 5
क्या कर सकते हैं
-इस काल में कच्ची सब्जियां और फल खा सकते हैं क्योंकि उनमें किसी प्रकार के कोई बदलाव देखने को नहीं मिलते।
-पवित्र नदियों में स्नान कर यथा शक्ति दान अवश्य देना चाहिए। ग्रहण के बाद दान देने का बहुत महत्व है।
4 of 5
- फोटो : ani
-घर में रखे हुए पानी में कुशा डाल देनी चाहिए, इससे पानी दूषित नहीं होता है।
-चन्द्रग्रहण के दौरान जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है।
-ग्रहण पूरा होने पर चन्द्र का शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए।
हिंदू शास्त्रों के अनुसार किसी भी प्रकार का चंद्र ग्रहण कभी भी किसी रूप में शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रकोप किसी भी व्यक्ति पर पूरे 108 दिनों तक बना रहता है। हालांकि इस ग्रहण का पृथ्वी के वातावरण में कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखाई देगा और ना ही कोई अप्रिय घटना होती हुई दिखाई दे रही है।