muharram
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कर्बला की जंग
इराक की राजधानी बगदाद से 120 किलोमीटर दूर कर्बला एक शहर है। मक्का -मदिना के बाद कर्बला इस्लाम धर्म के लोगों के लिए एक प्रमुख स्थान है। मान्यताओं के अनुसार हजरत इमाम हुसैन अपने परिवार और साथियों के साथ मुहर्रम के दूसरे दिन कर्बला पहुंचे थे। इमाम हुसैन के काफिले में छोटे-छोटे बच्चे, औरतें और बूढ़े भी थे। यजीद ने हुसैन को मजबूर करने के लिए मुहर्रम के 7वें दिन उनके लिए पानी बंद कर दिया था। मुहर्रम की 9वीं रात को हुसैन ने रोशनी बुझा दी और कहने लगे, 'यजीद की सेना बड़ी है और उसके पास एक से बढ़कर एक हथियार हैं। ऐसे में बचना मुश्किल है। मैं तुम्हें यहां से चले जाने की इजाजत देता हूं। मुझे कोई आपत्ति नहीं है।' जब कुछ देर बाद फिर से रोशनी की गई तो सभी साथी वहीं बैठे थे। कोई हुसैन को छोड़कर नहीं गया।