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Monsoon Fertilizer Tips: मानसून में कब, कितनी और कौन-सी खाद दें? जान लें वरना नहीं होगी पौधों की ग्रोथ

Mon, 03 Aug 2026 09:49 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Right Way to Fertilize Plants: बारिश के मौसम में जरूरत से ज्यादा या गलत समय पर खाद देने से पौधों की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं। जानिए इससे जुड़ी सावधानियां।
 
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मानसून फर्टिलाइजर - फोटो : Ai
Gardening Tips: बारिश का मौसम पौधों के बढ़ने के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दौरान नमी और ठंडा वातावरण कई पौधों में नई पत्तियां, शाखाएं और फूल आने में मदद करता है, लेकिन इस मौसम में खाद देने के मामले में थोड़ी सावधानी रखनी चाहिए। कई लोग सोचते हैं कि मानसून में ज्यादा खाद देने से पौधे तेजी से बढ़ेंगे, जबकि जरूरत से अधिक या गलत समय पर खाद देने से पोषक तत्व बारिश के पानी के साथ बह सकते हैं और कुछ मामलों में पौधों की जड़ों को भी नुकसान पहुंचता है। इसलिए मौसम और पौधे की जरूरत के अनुसार ही खाद देना बेहतर होता है।

मानसून में खाद देना क्यों जरूरी है?

बारिश के मौसम में कई पौधे तेजी से बढ़ते हैं, इसलिए उन्हें पोषण की आवश्यकता भी अधिक होती है। सही मात्रा में खाद देने से पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं, नई पत्तियां निकलती हैं और फूल-फल आने में मदद मिलती है। हालांकि, लगातार बारिश वाले दिनों में पोषक तत्व मिट्टी से बह भी सकते हैं, इसलिए संतुलित मात्रा में खाद देना जरूरी होता है।

 
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खाद देने का सही समय - फोटो : instagram
खाद देने का सही समय
  • मानसून में पौधों को सुबह या शाम के समय खाद देना बेहतर माना जाता है।
  • तेज बारिश के दौरान या बारिश शुरू होने से ठीक पहले खाद डालने से बचें, क्योंकि पोषक तत्व पानी के साथ बह सकते हैं।
  • हल्की बारिश के बाद, जब मिट्टी नम हो, लेकिन उसमें पानी जमा न हो, तब खाद देना अधिक उपयुक्त रहता है।
  • यदि गमले में पानी भरा हुआ है, तो पहले अतिरिक्त पानी निकालें और मिट्टी की स्थिति सामान्य होने के बाद ही खाद डालें।
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गार्डनिंग टिप्स - फोटो : AI
कितनी मात्रा में दें खाद
  • छोटे गमले (6–8 इंच) में 1–2 मुट्ठी अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद पर्याप्त हो सकती है।
  • मध्यम गमलों में 2–3 मुट्ठी खाद दी जा सकती है।
  • बड़े गमलों या ग्रो बैग में पौधे के आकार के अनुसार मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है।
  • रासायनिक उर्वरकों का उपयोग हमेशा पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही करें।

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कौन सी खाद डालें - फोटो : Ai
मानसून में कौन-सी खाद बेहतर रहती है?
  • मानसून में पौधों के लिए वर्मी कंपोस्ट, गोबर की खाद और सामान्य कंपोस्ट बेहतर विकल्प माने जाते हैं, क्योंकि ये मिट्टी को पोषण देने के साथ उसकी संरचना भी सुधारते हैं।
  • इसके अलावा सरसों की खली को सही तरीके से तैयार करके सीमित मात्रा में दिया जा सकता है।
  • पौधे की जरूरत के अनुसार नीम खली या बोन मील का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • हालांकि, बारिश के मौसम में खाद हमेशा कम और संतुलित मात्रा में देनी चाहिए, ताकि मिट्टी में नमी अधिक होने के कारण जड़ों को नुकसान न पहुंचे।
  • जैविक खाद मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के साथ धीरे-धीरे पोषण भी उपलब्ध कराती है।
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मानसून में पौधों की जड़ सड़ सकती हैं - फोटो : AI
खाद देते समय रखें ये सावधानियां

गीली मिट्टी में बहुत ज्यादा खाद डालने से बचें। खाद हमेशा पौधे के तने से थोड़ी दूरी पर डालें और इसके बाद मिट्टी को हल्के हाथों से ढीला करें, ताकि जड़ों को नुकसान न पहुंचे। जिन पौधों में फंगस, जड़ सड़ने या पानी भरने की समस्या हो, उनमें पहले बीमारी और जल निकासी की समस्या को ठीक करें। इसके बाद ही खाद दें। ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा खाद देने से पौधे तेजी से नहीं बढ़ते, बल्कि उनकी जड़ें जल सकती हैं और पौधा कमजोर भी हो सकता है।
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