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Maximalist Home Decor Idea: सर्दियों में घर की सजावट से लानी है गर्माहट? अपनाएं ये खास तरीका

Mon, 10 Nov 2025 01:34 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सर्दियों के लिए आपने तैयारी कर ली है, लेकिन घर? इंटीरियर डिजाइनर बता रहे हैं कि घर को कोजी और आकर्षक बनाने के लिए मैक्सिमलिज्म का बोलबाला है। इस ट्रेंड के जरिये महिलाएं अपने घरों को ज्यादा से ज्यादा व्यक्तिगत टच दे रही हैं और उसे जीवंत बना रही हैं।
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होम डेकोर - फोटो : Instagram
अंशु सिंह

कुछ समय पहले ‘मिनिमलिस्म’ ट्रेंड में था, जो कम से कम में जीने को कहता था। मगर अब कम नहीं, ज्यादा से ज्यादा के सिद्धांत पर आधारित ‘मैक्सिमलिज्म’ शैली ट्रेंड में है। मिलान के रनवे से लेकर मुंबई तक सब ‘ज्यादा ही ज्यादा’ है। वैसे सही तो कम से कम में जीना है, लेकिन सर्दियों में यह संभव नहीं है। अब जैसे-जैसे सर्द हवाएं दरवाजे पर दस्तक दे रही हैं, वैसे-वैसे हमारे घरों को भी एक नई ऊष्मा और ऊर्जा की जरूरत महसूस होने लगी है। ऐसे में आप मैक्सिमलिस्ट शैली की मदद से अपने घर की खूबसूरती को नया आयाम दे सकती हैं और सर्दी के कहर से बच सकती हैं।

मैक्सिमलिस्ट शैली कहती है कि आप इस सर्दी घर को कम से कम में नहीं, दिल खोलकर सजाइए। पुराने स्मृति-चिह्नों को नई जगह दें, पैटर्न्स से खेलें और अपने घर को एक ऐसा आशियाना बनाएं, जहां गरमाहट सिर्फ हीटर से नहीं, आपके दिल की खुशियों से महसूस हो। तो क्यों न इस बार सर्दियों को थोड़ा रंगीन बनाया जाए?

साज-सज्जा में व्यक्तिगत स्पेस

सुप्रसिद्ध डिजाइनर जे.जे. वाल्या के विचारों में हम एक मैक्सिमलिस्ट देश हैं। जटिलता हमारी संस्कृति का हिस्सा है। मैक्सिमलिज्म हमारे खाने से लेकर हर चीज में समाहित है। हमारे मसालों, अलग-अलग स्वादों से भरी बड़ी-बड़ी थालियां, हमारे त्योहार और वास्तुकला, हर जगह इसकी झलक मिल जाती है। यूं कहें कि भारत दिल से मैक्सिमलिस्ट है। लेकिन जिस डिजिटल युग में हम रह रहे हैं, वहां हम बाकी दुनिया के साथ चलने की कोशिश करते रहते हैं। इसलिए मिनिमलिज्म हमारे बीच आ गया। हमने वर्षों तक अपने घरों में न्यूट्रल शेड वाले रंगों और संयमित आंतरिक सज्जा का इस्तेमाल किया। लेकिन अब लोग ऐसे स्थानों की तलाश कर रहे हैं, जो अधिक व्यक्तिगत, गतिशील और जीवंत लगें। बेज रंग की दीवारों, न्यूनतम अलमारियों और ‘कम ही अधिक है’ जीवन शैली के लंबे दौर के बाद इंटीरियर डिजाइनिंग में इसे एक पूर्ण विद्रोह के रूप में देखा जा रहा है।

डोपामाइन सजावट से लेकर अतीत की यादों तक मैक्सिमलिज्म उन चीजों को अपनाने के लिए आमंत्रित कर रहा है, जिन्हें हम पसंद करते हैं। यह कहीं से अराजकता पैदा नहीं करता, बल्कि रंगों, लकीरों, पैटर्न्स के जरिये अपनी कहानी कहने, स्वयं को अभिव्यक्त करने और अपने व्यक्तित्व को प्रतिबिंबित करने वाले तत्वों को परत-दर-परत प्रस्तुत कर रहा है।
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होम डेकोर - फोटो : Instagram
कमरे की रौनक

वर्षों से मिनिमलिज्म शैली से घरों को सजाया जाता रहा है, जिसमें दीवारें अमूमन खाली और फर्नीचर सादे रहा करते थे। स्ट्रिप लाइट्स एवं छोटे-छोटे पौधों का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन बदलते ट्रेंड और मैक्सिमलिज्म शैली को अपनाने के कारण अब लेयर्ड पैटर्न वाले लैंपशेड और फूलों के खिले गुलदस्ते कमरों की शोभा बढ़ा रहे हैं। खासकर सर्दियों की सजावट में ये गरमाहट और नया आयाम जोड़ रहे हैं।

रियल इस्टेट एक्सपर्ट इना दत्ता कहती हैं, “इस साल मैक्सिमलिज्म ट्रेंड कर रहा है, क्योंकि यह जीवंत रंगों, जटिल पैटर्न और बनावट के साथ स्थानों को पुनर्परिभाषित करता है। साथ ही आधुनिक डिजाइन के स्वच्छ, कार्यात्मक सार को भी बनाए रख रखता है। अभी सर्दियां शुरू होने वाली हैं। ऐसे में अपने घर को आरामदायक और गरम रखने के साथ ही उसकी खूबसूरती को बनाए रखना जरूरी है। अमूमन इस समय फर्श पर कारपेट बिछाए जाते हैं, जो गरमाहट का अहसास दिलाते हैं, लेकिन ये कलरफुल होंगे तो कमरे की रौनक भी बढ़ जाएगी। इसके अलावा सोफे के चारों ओर ऊनी कालीन बिछाकर उन पर कुछ मुलायम गद्दियां रखी जा सकती हैं। ऊन नमी सोख लेता है, जिससे आस-पास का वातावरण शुष्क रहता है। इसके अलावा सुनहरे रंगों वाले कुशन कवर, छोटे कॉफी-टेबल रनर, प्लेटर्स, जगमगाते पिक्चर फ्रेम और फूलदानों से घर की चमक को बढ़ाया जा सकता है। हां, ध्यान रखना होगा कि सबके बीच एक संतुलन हो, कोई जरूरत से ज्यादा न लगे।”
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जपांडी स्टाइल होम डेकोर - फोटो : instagram
संतुलन जरूरी है

दिल्ली की महिला उद्यमी सीमा और उनके आर्किटेक्ट पति नकुल को देश-विदेश की यात्राएं करने का शौक है। अब तक कई महाद्वीपों की सैर कर चुके हैं। जहां जाते हैं, वहां की कोई न कोई निशानी जरूर लाते हैं। फिर बड़े ही करीने से उन्हें अपने लिविंग रूम में सजाकर रखते हैं। उनके लिविंग रूम की बात करें तो उसमें कुछ-कुछ बोहेमियन और मैक्सिमलिस्ट शैली की झलक दिखती है। दीवार पर एक भव्य सुनहरा दर्पण और समकालीन कला-कृतियां हैं। चटक रंगों के परदे लगे हैं। सोफे पर बिखरे रंग-बिरंगे कुशन और ज्योमेट्रिक पैटर्न वाले थ्रोबैक रग्स से संकेत मिलता है कि दोनों को कला एवं रंगों से कितना प्रेम है। कमरे का एक कोना तो और भी खास है, जहां की दीवार पर तस्वीरों के जरिये पूरी की पूरी फैमिली ट्री सजा रखी है।

सीमा बताती हैं, “मुझे सादगी से रहना पसंद है और नकुल की अपनी चॉइस है। लेकिन हम-दोनों एक-दूसरे की पसंद-नापसंद का सम्मान करते हैं। इसलिए घर की इंटीरियर डिजाइनिंग भी उसी प्रकार की है। लिविंग रूम और स्टडी रूम नकुल की मैक्समलिस्ट शैली में और बेडरूम मेरी रुचि के अनुसार।” इसी को तो कहते हैं संतुलन, जब जटिलताओं के बीच भी सुकून का अहसास हो।

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बालकनी की सजावट के तरीके - फोटो : instagram
जहां आती हो धूप

आधुनिक इंटीरियर डिजाइन में प्राकृतिक प्रकाश का महत्व सौंदर्यबोध से कहीं अधिक है। यह स्वास्थ्य, कल्याण, ऊर्जा दक्षता और घर के दृश्य स्वरूप को प्रभावित करता है। अध्ययन बताते हैं कि सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से आपकी दैनिक लय नियंत्रित होती है, मनोदशा में सुधार होता है और विटामिन डी के संश्लेषण में मदद मिलती है। इतना ही नहीं, यह पूरे दिन हमारे ऊर्जा स्तर को भी निर्धारित करता है, जिससे आप सबसे अधिक सक्रिय रहती हैं। अवसाद और निराशा जैसी भावनाएं आपको नहीं घेरतीं।

इंटीरियर डिजाइनर अक्षरा साहनी कहती हैं, “सर्दियों में धूप सेंकने का अलग ही आनंद होता है। ऐसे में घर के जिस हिस्से में अच्छी धूप आती हो, वहां एक कोजी सीटिंग यानी बैठने की व्यवस्था करें। कोई आरामदायक सोफा या आर्मचेयर डालकर एक सीटिंग स्पेस तैयार करें। साथ में कुछ पौधे, ब्लैंकेट और रग्स रखें तो स्थान की खूबसूरती बढ़ जाएगी। इसके अलावा सर्दियों में कमरों की साज-सज्जा में चटक रंगों एवं लेयर्ड लैंपशेड्स का इस्तेमाल करने से धूप न निकलने पर भी घर रोशन रहेगा और मन प्रफुल्लित। आप चाहें तो दीवार के किसी हिस्से पर रंग-बिरंगे कुशन, टेबलमैट, रनर या फिर रजाई/चादर और किसी कोने में कोई जीवंत कला-कृति लगा सकती हैं। इससे कमरा एकदम से खिल जाएगा।”
 
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घर की सजावट - फोटो : freepik
देसी शैली वाला कोटात्सु

सर्दियों में घर के माहौल को और भी कोजी बनाने के लिए जापानी कोटात्सु एक बेहतरीन आइडिया है। इसे आप अपने घर की रजाइयों और कंबलों से आसानी से तैयार कर सकती हैं। सबसे पहले अपने लिविंग रूम में एक नीची कॉफी टेबल या सेंटर टेबल चुनें। कोशिश करें कि टेबल मजबूत और स्थिर हो, ताकि ऊपर कंबल रखने पर हिले नहीं। अब टेबल के नीचे एक हीटिंग पैड, इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट या गरम पानी की बोतलें रखें। यह आपके कोटात्सु को गरम रखेगा। अब टेबल के ऊपर से एक मोटा कंबल या रजाई (फ्यूटन) फैला दें, ताकि उसकी किनारियां फर्श तक पहुंचें और अंदर की गर्मी बाहर न निकले। इस पर एक हल्की शीट या टेबल क्लॉथ बिछा दें, ताकि सतह साफ और स्थिर रहे। फिर चारों ओर कुशन या फ्लोर सीटिंग लगा दें, जिससे सब आराम से बैठ सकें। अब आपका देसी कोटात्सु तैयार है। इसमें पैर डालकर चाय पीना, सूप का मजा लेना या परिवार के साथ बातें करना, सबका अनुभव दोगुना हो जाएगा। यह आपको लिविंग रूम में गरमाहट देगा और घर में एक साथ बिताए पलों को भी खास बना देगा।

दीवारों पर चटक रंग

दीवारों की बात करें तो तटस्थ रंग की दीवारें हमेशा से एक सुरक्षित विकल्प रही हैं, लेकिन अगर आप मैक्सिमलिस्ट शैली में अपने कमरे को सजाना चाहती हैं तो पूरे कमरे को एक ही चटक रंग से पेंट करा दें। इसके अलावा दीवारों, सजावट एवं अंतर्निर्मित तत्वों पर अलग-अलग रंगों का संयोजन करके उसे और बेहतर बनाया जा सकता है। कमरे की छत को भी अलग रंग से पेंट करा सकती हैं। हां, रंग ऐसे चुनें, जो जीवंत हों और कमरे की बाकी सजावट के साथ मेल खाएं। इंटीरियर डिजाइनर्स के अनुसार, सर्दियों में गहरे लाल, नारंगी, ब्राउन कलर के शेड्स अच्छे लगेंगे। अगर घर की दीवारों पर पेंट करना संभव न हो तो नए वॉलपेपर के साथ प्रयोग करें। इसके साथ ही कुशन, परदे, बेडशीट आदि के रंगों का चुनाव भी उसी के अनुसार करना होगा।
 
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होम डेकोर - फोटो : adobe
ये भी आएंगे काम
  • दीवारों पर सजावटी सामानों में बरगंडी, गहरे नारंगी या मिट्टी के रंगों जैसे गरम रंगों का उपयोग करें।
  • फर्श पर ऊनी, शग्गी और नकली फर के गलीचे बिछाएं। कुशन और कंबल भी बिछा सकती हैं, ताकि बनावट एवं गर्मी दोनों मिल सकें।
  • कमरे को रोशन करने और उसकी गर्माहट बनाए रखने के लिए गरम रोशनी वाले बल्बों, टेबल एवं फ्लोर लैंप का उपयोग करना अच्छा रहेगा। खिड़कियों, दीवारों या शीशों पर फेयरी लाइट्स लगा सकती हैं।
  • दरवाजों-खिड़कियों पर परतदार एवं मोटे फैब्रिक वाले परदे लगाएं, जिससे कि ठंड में गर्मी बनी रहे।
  • अव्यवस्था से बचें। साज-सज्जा में संतुलन बनाए रखें।

जीवंत बनाने की चाह

इंटीरियर डिजाइनर शैली गुप्ता बताती हैं, मैक्सिमलिस्ट शैली की लोकप्रियता के पीछे लोगों की बदलती मानसिकता है। वे अपने घरों को ज्यादा से ज्यादा व्यक्तिगत टच देना चाहते हैं। उसे जीवंत देखना चाहते हैं। कमरों की साज-सज्जा कहीं न कहीं उनकी अभिव्यक्ति का माध्यम बन जाती है। इससे उनका एस्थेटिक सेंस, कलात्मकता, पसंद भी परिलक्षित होती है। असल में, मैक्सिमलिस्ट डिजाइन शैलियां आनंदमय और चंचल होती हैं। ये बेहतरीन स्रोतों से प्राप्त वस्तुओं, मजेदार दिखने वाले, बोल्ड पैटर्न और विविध बनावटों पर आधारित होती हैं। इसे वही लोग अधिक पसंद करते हैं, जो थोड़े एक्सट्रोवर्ट यानी बहिर्मुखी होते हैं। जो गहरे रंगों और चटक फर्नीचर के बीच सहजता महसूस करते हैं।
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