Nathuram godse
क्यों थे बापू से खफा
दरअसल जब इन्हें 12 जनवरी, 1948 को मालूम हुआ कि गांधी जी 13 जनवरी से अपना उपवास चालू कर रहे हैं, बस तब ही इन्होंने गांधी की हत्या करने का मन बना लिया था। गांधी जी के सबसे छोटे पुत्र देवदास गांधी की पौत्री और लेखिका सुकन्या भरत राम कहती हैं, "गोडसे, आप्टे और इनके साथी गांधी जी से दो कारणों से बेहद खफा थे। पहला, गांधी जी ने दिल्ली में 13 जनवरी, 1948 को अपना उपवास क्यों चालू किया? गांधी जी ने वह उपवास इसलिए रखा था क्योंकि दिल्ली में मुसलमानों को मारा जा रहा था। उनकी संपत्तियां लूटी जा रही थीं। हिंसा और आगजनी थमने का नाम ही नहीं ले रह थी। सारे प्रयास विफल हो रहे थे।''
अंत में दंगाइयों पर नैतिक दबाव डालने के इरादे से गांधी ने 12 जनवरी, 1948 को अपने जीवन का अंतिम उपवास रखने का निर्णय लिया। उनके पुत्र देवदास गांधी, जो तब हिन्दुस्तान टाइम्स के संपादक थे, ने उन्हें उपवास पर ना जाने की सलाह दी थी। दूसरा, जब देश का विभाजन हुआ तब सरकारी संपत्ति भारत-पाकिस्तान में बंटी।