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Makar Sankranti 2020: मकर संक्रांति का धार्मिक ही नहीं वैज्ञानिक महत्व भी है, जानिए ये रोचक तथ्य

Wed, 15 Jan 2020 12:08 AM IST
सारंग उपाध्याय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Makar Sankranti
नए साल 2020 के जनवरी माह की शुरुआत है। हर नए साल का जनवरी माह त्योहारों, पर्व  और जयंतियों का होता है। एक ओर जहां 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में युवा दिवस मनाया जाता है वहीं 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाती है। मकर संक्रांति हिंदुओं का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। मकर संक्रांति का जितना धार्मिक महत्व है उतना ही वैज्ञानिक महत्व है। दरअसल,  ऐसा कहा जाता है कि जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो मकर संक्रांति का योग बनता है, लेकिन इसके अलावा भी कई सारे बदलाव आते हैं। मकर संक्रांति का संबंध केवल धर्म से ही नहीं बल्कि अन्य चीजों से भी जुड़ा है, जिसमें वैज्ञानिक जुड़ाव के साथ-साथ कृषि से भी जुड़ाव रहता है।

 
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Makar Sankranti
मकर संक्रांति के बाद जो सबसे पहले बदलाव आता है वह है दिन का लंबा होना और रातें छोटी होनी लगती हैं। मकर संक्रांति के दिन सभी राशियों के लिए सूर्य फलदायी होते हैं, लेकिन मकर और कर्क राशि के लिए ज्यादा लाभदायक हैं। हम आपको बताते हैं कि किस तरह से मकर संक्रांति किन-किन क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।

 
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डेमो - फोटो : डेमो
आर्युवेद में भी है मकर संक्रांति का महत्व
आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में चलने वाली सर्द हवाएं कई बीमारियों की कारण बन सकती हैं, इसलिए प्रसाद के तौर पर खिचड़ी, तिल और गुड़ से बनी हुई मिठाई खाने का प्रचलन है। तिल और गुड़ से बनी हुई मिठाई खाने से शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इन सभी चीजों के सेवन से शरीर के अंदर गर्मी भी बढ़ती है। 14 जनवरी मकर संक्रांति के साथ ही ठंड के कम होने की शुरुआत मानी जाती है। हालांकि जलवायु परिवर्तन का असर मौसम पर भी पड़ा है। 
 

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मकर संक्रांति,
खिचड़ी के फायदे
मकर संक्रांति के दिन प्रसाद के रूप में खाए जाने वाली खिचड़ी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है। खिचड़ी से पाचन क्रिया सुचारु रूप से चलने लगती है। इसके अलावा आगर खिचड़ी मटर और अदरक मिलाकर बनाएं तो शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है साथ ही बैक्टिरिया से भी लड़ने में मदद करती है। बता दें कि एक संक्रांति से दूसरे संक्रांति के बीच के समय को सौर मास कहते हैं।
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मकर संक्रांति - फोटो : अमर उजाला
मकर संक्रांति से बदलता है वातावरण
मकर संक्रांति के बाद नदियों में वाष्पन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे कई सारी शरीर के अंदर की बीमारियां दूर हो जाती हैं। इस मौसम में तिल और गुड़ खाना काफी फायदेमंद होता है। यह शरीर को गर्म रखता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि उत्तारायण में सूर्य के ताप शीत को कम करता है।  
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