गाय
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गाय के भीतर गुरु ग्रह का वास होता है। यदि यह ग्रह किसी व्यक्ति की कुंडली में नीच स्थिति में हो, तो उसे गौ सेवा करनी चाहिए। ऐसा करने से वो उस ग्रह की कुपित दृष्टि से बच सकता है। इसके अलावा वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा स्थान अथवा बैठक के कमरे के ईशान कोण में चांदी की गाय और उसका बछड़ा रखने से भी भाग्य में वृद्धि होती है।