बच्चों के साथ बढ़ते अपराधों को देखते हुए पेरेंट्स आज काफी टेंशन में आ गए हैं। बात चाहे गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले प्रद्युम्न की हो या फिर हाल ही में कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की, पेरेंट्स बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। ऐसे में अगर आप ये 5 उपाय अपनाते हैं तो काफी हद तक अपने बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं।
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बच्चों को सिखाएं
बच्चों को पहले से सिखाकर रखें कि उनकी गैरमौजूदगी में किसी के लिए भी घर का दरवाजा ना खोलें।इसके अलावा अनजान व्यक्ति के साथ-साथ पड़ोसियों से भी दूर रहने की हिदायत दें। आंकड़ों की मानें तो बच्चों कै यौन शोषण के मामले में 90 प्रतिशत पड़ोसी और परीचित लोग ही शामिल होते हैं।
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कराटे सीखाएं
आपका बच्चा लड़का हो या लड़की, उन्हें कराटे जरूर सीखाएं। इससे वह हर तरह की स्थिति में खुद की रक्षा कर पाएगा। इसके अलावा उसका शरीर एक्टिव रहने के साथ अपराधियों से भी अच्छे से निपट सकता है।बच्चों को समझाएं कि वो चॉकलेट्स, मिठाई, केक और गेम जैसी चीजें किसी भी अजनबी या परीचित इंसान से ना लें।
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भरोसा ना करें
बच्चों को यह बताएं कि वो अपने माता-पिता और दादा-दादी और नाना-नानी के अलावा किसी भी दूसरे व्यक्ति पर भरोसा ना करें। बच्चों को चाहिए कि अगर घर में उनके साथ कुछ अजीब होता है तो उसे अपनी क्लास टीचर और माता-पिता के साथ जरूर शेयर करें।
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गुड टच बैड टच
बच्चों को गुड टच बैड टच का अंतर जरूर बताएं।उन्हें बताएं कि हमेशा खराब टच पर उन्हें कैसे शोर मचाना है, वहां से भागना है।बच्चों को यह मालूम होना चाहिए कि उनका शरीर, उनकी मर्जी के बगैर कोई नहीं छू सकता। अगर ऐसा होता है तो उसे शोर मचाना आना चाहिए।
नजरअंदाज ना करें
बच्चा अगर स्कूल के बारे में कुछ कह रहा है तो उसे नजरअंदाज ना करें। बात छोटी हो या बड़ी, तसल्ली के लिए संबंधित व्यक्ति से जरूर बात करें।बच्चों को समझाएं कि स्कूल में वो कहीं भी अकेले ना जाएं, हमेशा किसी के साथ रहें और जहां कहीं भी जाए अपने दोस्तों और क्लास टीचर को जरूर बताएं।