योगा मैट का इतिहास
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योग मैट का इतिहास
ऋषि मुनियों के युग में ही योग की शुरुआत हो गई थी। साधु-संत पहाड़ियों, हिमालय की चोटी, जंगलों और गुफाओं आदि में योग किया करते थे। लेकिन उस समय योग मैट नहीं हुआ करती थी। वह जमीन पर ही योग करते थे। 1970 के दशक में लोग योग करने के लिए दरी या चटाई का उपयोग करते थे। उस समय योग करने के लिए लोग जमीन पर दरी बिछाया करते थे। बाद में दरी और चटाई का स्थान रबर की मैट ने ले लिया। लेकिन योग करने के लिए जमीन पर कुछ बिछाने या योग मैट की जरूरत क्यों और किसने महसूस की गई?