फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

International Women Day 2019: भारतीय महिलाएं जो छा गईं फैशन और इंटरटेन्मेंट की दुनिया पर

Fri, 08 Mar 2019 07:42 AM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 10
fatima begum

महिलाओं के बिना किसी भी देश का विकास अधूरा है। आज के समय में हर क्षेत्र में महिलायें पुरुषों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चल रही हैं। चाहे वो खेल का क्षेत्र हो या फिर राजनीतिक क्षेत्र। हर जगह महिलाओं ने अपना परचम लहराया है। फैशन और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में भी महिलाओं ने पुरषों को पछाड़ा है। आइये जानते हैं वो कौन सी महिलाएं हैं जो  फैशन और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में अपना परचम लहराया है।

विज्ञापन

2 of 10
Sushmita Sen - फोटो : instagram

सुष्मिता सेन
सुष्मिता सेन ने महज 19 साल की उम्र में मिस यूनिवर्स का खिताब जीता था। एक्ट्रेस सुष्मिता सेन साल 1994 में मिस यूनिवर्स पहली भारतीय महिला थीं। इस प्रतियोगिता में उन्होंने ऐश्वर्या राय बच्चन को हराया था। इस प्रतियोगिता के दौरान सुष्मिता ने अपनी मां के हाथ से बनाये हुए गाउन पहना था। इसके अलावा उन्होंने जो हाथ में ग्लब्स पहन रखा था उस ग्लव्स को मोजे से बनाया गया था।

विज्ञापन

3 of 10
devika rani
देविका रानी
देविका रानी भारत की पहली एक्ट्रेस थीं।आंध्र प्रदेश के वाल्टेयर में 30 मार्च 1908 को देविका रानी चौधरी का जन्म हुआ था। देविका रानी के पिता कर्नल एम एन राय बंगाल के समृद्ध परिवार से थे। देविका की मुलाकात फ़िल्म निर्देशक हिमांशु राय से हुई । इसके बाद साल 1933 में फ़िल्म कर्म में वो नजर आईं। इस फ़िल्म में हीरो हिमांशु राय ही थे। कुछ सालों बाद देविका ने हिमांशु राय से शादी कर लीं।

4 of 10
kajol - फोटो : social media

काजोल
काजोल बॉलीवुड की अकेली अभिनेत्री हैं जिनको फ़िल्म में नेगेटिव रोल के लिए फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। काजोल बॉलीवुड की दूसरी अभिनेत्री हैं जिन्हें पांच फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट एक्ट्रेस से नवाजा गया है। काजोल बॉलीवुड की अकेली ऐसी अभिनेत्री हैं जिन्हे नेगेटिव रोल के लिए फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।

विज्ञापन

5 of 10
Reita Faria
रीता फारिया पॉवेल
रीता फारिया पॉवेल ने साल 1966 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था। ये खिताब जीतने वाली पहली एशियन वुमैन थीं। रेयिता फारिया पॉवेल मॉडल, डॉक्टर व ब्यूटी क्वीन थीं।
विज्ञापन

6 of 10
sai pranjape
सई परांजपे
सई परांजपे का जन्म 19 मार्च 1938 को मुंबई में हुआ था। सई परांजपे ने बचपन में आठ साल की उम्र में पहली किताब लिखीं। सई परांजपे द्वारा निर्देशत उनकी चार फिल्मों की तारीफ आज भी बॉलीवुड में की जाती है। जिनमें स्पर्श, कथा, चश्मे बद्दूर व दिशा फिल्म शामिल है। सई पराजंपे की गिनती उन चुनिंदा फिल्म निर्देशकों में गिना जाता है जिन्होंने आर्ट सिनेमा की गरिमा को बनाए रखा। 
विज्ञापन

7 of 10
fatima begum
फातिमा बेगम
भारत की पहली महिला फिल्म निर्देशक फातिमा ने जब फिल्म बनाई थी तब समाज में महिलाओं को लेकर कई रुढ़िवादी विचार थे। लेकिन इसकी परवाह किए बिना फातिमा बेग ने साल 1926 में अपनी पहली फिल्म 'बुलबुले परिस्तान' का निर्देशन किया। यह फिल्म उस वक्त की एक बड़े बजट की फिल्म थी, जिसमें काफी अलग तकनीकों का भी प्रयोग किया गया था। फातिमा बेग अपने दौर की सुपरस्टार महिला कलाकार रहीं। फातिमा बेगम का जन्म साल 1892 में हुआ था। फातिमा बेगम एक भारतीय अभिनेत्री, निर्देशक और पटकथा लेखक थीं। उन्होंने अपने खुद का प्रोडक्शन हाउस 'फातिमा फिल्म्स' की शुरूआत की। 

8 of 10
ks chitra
के.एस चित्रा
कृष्णन नायर शान्तिकुमारी चित्रा एक प्लेबैक सिंगर हैं। वो भारतीय शास्त्रीय संगीत, भक्ति और लोकप्रिय संगीत भी गाती हैं। के.एस चित्रा को 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। जो कि महिला गायकिाओं में सबसे अधिक है। इसके अलावा उन्हें पांच फिल्मफेयर पुरस्कार, दक्षिण  और 31 अलग-अलग राज्यों में फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। उन्हें दक्षिण भारत की छोटी बुलबुल कहा जाता है। के.एस चित्रा का जन्म 27 जुलाई 1963 को हुआ था। 

9 of 10
mrinali sarabhai
मृणालिनी साराभाई
शास्त्रीय नृत्यांगना और कोरियोग्राफर मृणालिनी साराभाई पहली ऐसी भारतीय महिला थीं, जिन्हें डिप्लोमा ऑफ फ्रेंस आर्चिव्स मेडल से समादूत किया गया था। मृणालिनी साराभाई को अम्मा के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म केरल में हुआ था। 21 जनवरी 2016 को उनका अहमदाबाद में निधन हो गया। उन्होंने अपने बचपन का ज्यादातर वक्त स्विट्जरलैंड में बिताया था। 
विज्ञापन

10 of 10
bhanu athaiya
भानु अथैया
11 अप्रैल 1983 में भारत को पहला ऑस्कर अवॉर्ड दिलाने वाली भी महिला थीं। भारत को पहला ऑस्कर अवॉर्ड दिलाने वाली कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया ने फिल्म गांधी के लिए बेस्ट कॉस्टयूम डिजाइन का अवॉर्ड जीता था। उन्होंने अपने ब्रिटिश काउंटरपार्ट जॉन मोलो के साथ अपनी जीत को साझा किया। भानु अथैया का जन्म 28 अप्रैल 1929 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें