ऐप में पढ़ें

International Women Day 2019 जानिए इंडियन वुमन के बारे में जिन्होंने सेना का मान बढ़ाया

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत राय Updated Fri, 08 Mar 2019 07:48 AM IST
Women in Indian Army 1 of 10
Women in Indian Army
विज्ञापन
जब भी देश पर खतरा मंडराया है पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दुश्मनों के छक्के छुड़ाए हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हम आपको उन महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने सेना में शामिल होकर देश की रक्षा कि है, सेना और देश दोनों का मान बढ़ाया है। 
विज्ञापन

2 of 10
kiran shekhawat
किरण शेखावत
राजस्थान की बेटी व हरियाणा की बहू लेफ्टिनेंट किरण शेखावत देश में ऑन ड्यूटी शहीद होने वाली पहली महिला अधिकारी थीं। 24 मार्च 2015 की रात को गोवा में डॉर्नियर निगरानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जिसमें लेफ्टिनेंट किरण शेखावत शहीद हो गई थीं। 1 मई 1988 को गांव सेफरागुवार विजेन्द्र सिंह शेखावत के घर किरण का जन्म हुआ। लेफ्टिनेंट किरण शेखावत अपनी शहादत से पांच साल पहले भारतीय नौसेना में भर्ती हुई थीं। 

3 of 10
Punita Arora
नौसेना की पहली महिला लेफ्टिनेंट जनरल
पुनीता अरोड़ा भारतीय नौसेना की पहली महिला लेफ्टिनेंट जनरल थीं। पुनीता का जन्म 13 अक्तूबर 1932 को पाकिस्तान के लाहौर प्रांत में हुआ था। 2004 में पुनीता अरोड़ा, भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद तक पहुंचने वाली प्रथम भारतीय महिला बनीं। पुनीता ने अपनी ड्यूटी का काफी वक्त पंजाब में गुजारा। 2002 में विशिष्ट सेवा पदक मिला। उनके 36 साल के कार्यकाल में कुल 15 पदक मिले थे।
विज्ञापन

4 of 10
Padmavat bandhopadhyay
भारतीय वायुसेना की पहली महिला एयर मार्शल
पद्मावती बंधोपाध्याय को भारतीय वायुसेना की पहली महिला एयर मार्शल होने का गौरव प्राप्त है। वे चिकित्सा सेवा की महानिदेशक रहीं। पद्मावती ने सन् 1968 में भारतीय वायुसेना ज्वाइन की थी। 34 साल बाद अपनी नि:स्वार्थ सेवा भाव और देशप्रेम का चलते सन् 2002 में एयर वाइस मार्शल के पद पर पहुंचने वाली भारतीय वायु सेना की महिला अधिकारी बनीं।

5 of 10
dvya ajeet kumar
सेना की स्वॉर्ड ऑफ ऑनर हासिल करने वाली देश की पहली महिला कैडेट
दिव्या अजित कुमार ने सात साल पहले मात्र 21 साल की उम्र में सेना की स्वॉर्ड ऑफ ऑनर हासिल करने वाली देश की पहली महिला कैडेट बन गईं थी। दिव्या ने पढ़ाई में भी तीन स्वर्ण पदक जीते हैं। कप्तान दिव्या अजित कुमार को सितंबर, 2010 में सेना के वायु रक्षा कोर में नियुक्त किया गया था। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2016) पर पहली बार अखिल भारतीय महिला कप्तान दिव्या अजित कुमार ने नेतृत्व किया। उन्होंने 154 महिला अधिकारियों और कैडेटों के एक दल के नेतृत्व किए थे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति "बराक ओबामा" भी उपस्तिथ थे।

6 of 10
fighter plane pilot
ये तीन महिलाएं बनीं देश की पहली फाइटर प्लेन पायलट
18 जून 2016, यह वही दिन था जब इन तीन जांबाजों को देश के नभ को सुरक्षित रखने का जिम्मा सौंप दिया गया था। इसी के साथ, बिहार के बेगूसराय की भावना कंठ, मध्यप्रदेश के रीवा की अवनी चतुर्वेदी और वडोदरा की मोहना सिंह पहली बार वायुसेना में बतौर फाइटर प्लेन पायलट कमीशन हो गईं। ये तीन महिलाएं देश की पहली महिला फाइटर पायलट बन चुकी हैं। 

7 of 10
shanti tigga
13 लाख रक्षा बलों में पहली महिला जवान
शांति तिग्गा ने 13 लाख रक्षा बलों में पहली महिला जवान बनने का अनोखा गौरव हासिल किया है। भर्ती प्रशिक्षण शिविर के दौरान तिग्गा ने बंदूक को हैंडल करने के अपने कौशल से अपने प्रशिक्षकों को काफी प्रभावित किया और निशानेबाजों में सर्वोच्च स्थान हासिल किया था। शारीरिक परीक्षण, ड्रिल और गोलीबारी समेत आरटीसी में समूचे प्रदर्शन में उसे सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु आंका गया था जिसके आधार पर उन्हें पहली महिला जवान बनने का मौका मिला था। 

8 of 10
gunjan saxena
कारगिल गर्ल
गुंजन सक्सेना को 'कारगिल गर्ल' के रूप में भी जाना जाता है। कारगिल युद्ध में जहां भारतीय सेना ने दुश्मनों के छक्के छुड़ाए थे वहीं हमारी महिला पायलट भी इसमें पीछे नहीं थीं। फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना एक ऐसा नाम है जो आज भले ही कम लोग जानते हो लेकिन गुंजन पहली महिला पायलट थीं कारगिल युद्ध के दौरान लड़ाई में भारत की तरफ से पाकिस्तान से लोहा लिया था। इसके लिए गुंजन को उनके साहस के लिए शौर्य वीर अवॉर्ड दिया गया था। गुंजन के मुताबिक कारगिल के दौरान भारतीय सेना के घायल जवानों को सुरक्षित निकालकर लाना उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा थी।

9 of 10
major khusboo
मेजर खुशबू कंवर
देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस के मौके पर असम रायफल्स के महिला सैनिक दस्ते का परेड की खुशबू तंवर ने किया। असम राइफल्स की महिला टुकड़ी पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल हुई। 

10 of 10
bhavna kasturi
15 जनवरी 2019 को आर्मी डे के मौके पर आर्मी परेड का नेतृत्व एक महिला अफसर ने किया। लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी आर्मी सर्विस कोर के 144 जवानों को लीड किया। 

Latest Video

विज्ञापन
MORE