भले ही कत्थक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी जैसे नृत्य के नर्तकों को सम्मान के नजरिए से देखा जाता है। लेकिन उसी भारत में लावणी करने वाली नर्तकियों को समाज में वो स्थान नहीं मिला जो दूसरे नर्तकियों को मिलता है। लावणी महाराष्ट्र के लोक नाट्य शैली तमाशा का एक अंग है जिसे केवल महिलाएं करती हैं। इन नृत्य को करने के लिए महिलाएं नौ गज लंबी परंपरागत साड़ी पहनकर तैयार होती हैं। जिसे ढोलक की थाप पर बड़ी ही तेजी के साथ किया जाता है।