विधि मिश्रा
पांव उतने ही फैलाएं, जितनी लंबी चादर हो, बुजुर्गों ने बहुत समझाया है, लेकिन यदि फिजूलखर्ची आदत में शुमार हो जाए तो क्या करें? शॉपिंग में खुशी मिलती है। अच्छा है, मगर कई बार इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। शौक बुरी चीज नहीं, बुरा वह है, जब हम जरूरत और विलासिता में फर्क करना भूल जाते हैं। बाजार पहुंचते ही ज्यादातर महिलाएं कुछ ऐसे सामान खरीद लेती हैं, जिनकी बहुत जरूरत नहीं होती। इसलिए जरूरी है कि आप बचत के मूल्य को समझें। आज ही कुछ ऐसे उपाय तलाश लें, जिनकी मदद से फिजूलखर्ची पर लगाम लग सके।