प्रतीकात्मक तस्वीर
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इस संदर्भ में आज की स्थितियों पर गौर कीजिये, जब हम सब घरों से काम करने के लिए मजबूर हैं, अपने दोस्तों, मित्रों और सहकर्मियों के साथ समय नहीं बिता सकते और महामारी के बीच काम, घर और बच्चों के स्कूल की विभिन्न मांगों के बीच एक साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहे हैं। आज की स्थितियों पर हमारा बहुत ज्यादा नियंत्रण नहीं है। इसलिए जरूरी चीजों पर अपना फोकस बनाए रखें के लिए एक दैनिक शेड्यूल तय करने और समय के अनुसार उसका पालन करना जरूरी है।
सांटोस कहते हैं, "मेरी सलाह है कि आप वीकेंड पर जो कुछ भी करते थे, उसे आज के दौर में करने का कोई रचनात्मक विकल्प तलाशें। जैसे यदि आप हर रविवार दोस्तों के साथ ब्रंच करते थे, तो अब भी जूम या स्काइप पर उसी समय उनसे वीडियो मुलाकात करें और अपने-अपने घरों में, लेकिन मिल-जुलकर ब्रंच करें। अगर शनिवार की सुबह आप दौड़ लगाते थे तो अब भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए अपने आस-पास जॉगिंग करें। बात यह है कि जितना ज्यादा मुमकिन हो उतना ज्यादा लॉक डाउन से पहले का रूटीन बनाए रखें तभी इन विपरीत परिस्थितियों को कुछ हद तक सामान्य (नॉर्मल) बनाया जा सकता है।