मां का दूध हर बच्चे के लिए किसी भी वरदान से कम नहीं है। बच्चे के पैदा होते ही सबसे पहले पीले रंग का दूध जो मां की छाती से उतरता है वो उसके शिशु को कई जानलेवा बीमारियों से लड़ने के लिए शक्ति प्रदान करता है। खास बात यह है कि दूध पिलाते समय मां और उसके शिशु के बीच एक मजबूत भावनात्मक रिश्ता भी बनता है। लेकिन कई बार स्वास्थ्य कारणों की वजह से मां की छाती से उसके बच्चे की जरूरत भर का पूरा दूध भी नहीं उतर पाता है। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर कौन से वो प्राकृतिक तरीके हैं जो हर मां की इस समस्या को दूर करने में मदद कर सकते हैं।