आकांक्षा शर्मा
सुबह की हल्की धूप, बालकनी की चाय और जीवन-साथी की मुस्कान, यही वो पल हैं, जो एक घर को घर बनाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब उम्र ढलने लगेगी, शरीर साथ छोड़ने लगेगा और बच्चे अपने-अपने रास्तों पर निकल जाएंगे, तब यही घर आपका कितना सहयोगी बना रहेगा? अधिकतर लोग घर बनाते समय बस सुंदरता और मौजूदा जरूरतों पर ध्यान देते हैं, जैसे- चमकदार फर्श, मॉड्यूलर किचन, ऊंची अलमारियां और स्टाइलिश सीढ़ियां। लेकिन उम्र के साथ जब घुटने जवाब देने लगते हैं, कमर झुकने लगती है और नजर कमजोर हो जाती है, तब यही सजावट भारी पड़ती है।
आज के परिवेश में महिला हो या पुरुष, 40 की उम्र में ही उसे डायबिटीज और थायरॉइड जैसी बीमारियां जकड़ने लगी हैं। घर सिर्फ दीवार और छत से नहीं बनता, बल्कि वो वृद्धावस्था का सबसे बड़ा सहारा होता है। इसलिए अगर आप घर बनाने वाली हैं या फेस्टिव सीजन में उसे रेनोवेट कराने की योजना बना रही हैं तो इस सोच के साथ कराएं कि वो बुढ़ापे में भी आपके लिए उतना ही आरामदायक हो, जितना कि आज है।
पहली मंजिल पर आप
क्या आपके घर का ग्राउंड फ्लोर भी सिर्फ मेहमानों के लिए है और आप खुद फर्स्ट फ्लोर पर रहना पसंद करती हैं? कई सर्वे बताते हैं कि भारत में अधिकतर लोग ग्राउंड फ्लोर मेहमानों के लिए छोड़ देते हैं, जबकि खुद फर्स्ट फ्लोर पर रहते हैं। लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, सीढ़ियां चढ़ना-उतरना थकाने वाला और जोखिम भरा हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि बेडरूम, किचन और बाथरूम जैसे मुख्य हिस्से ग्राउंड फ्लोर पर ही हों। जगह कम है तो आप एक ऐसा कमरा तैयार करें, जो मेहमानों के लिए उपयुक्त हो और जरूरत पड़ने पर आपके रहने के लिए भी उपयुक्त हो। इस उपाय से आपकी पहली मंजिल आज के लिए सुविधाजनक और भविष्य के लिए सहयोगी बन जाएगी।
चौड़े दरवाजे और गलियारा
बड़े और चौड़े दरवाजे घर को एक अलग आकर्षण देते हैं। हालांकि जगह की कमी और डिजाइन की प्राथमिकताओं के कारण आज अधिकतर लोग चौड़े दरवाजों और गलियारों को नजरअंदाज कर देते हैं, मगर यही चौड़े दरवाजे और गलियारे घर में प्राकृतिक रोशनी तथा हवा के बेहतर प्रवाह को बनाए रखने में मदद करते हैं। आपको इसका सबसे बड़ा लाभ वृद्धावस्था में महसूस होता है, जब शारीरिक गतिशीलता कम हो जाती है और वॉकर या व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में चौड़ा रास्ता सुरक्षा और आत्मनिर्भरता, दोनों सुनिश्चित करता है। इससे गिरने का खतरा भी कम होता है। इसलिए घर बनाते समय यह सोचें कि वो आज के साथ-साथ आपके भविष्य की जरूरतों को भी पूरा कर सके।