फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Holi 2026: होली से 15 दिन पहले क्यों शुरू हो जाती हैं ये खास तैयारियां? जानिए वजह

Mon, 16 Feb 2026 12:47 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Holi Kab Hai 2026: होली आने में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। अगर आपने अब तक त्योहार के लिए तैयारियां नहीं शुरू की हैं तो एक लिस्ट बना लें कि क्या-क्या काम करना है। कुछ तैयारियां होली से 15 दिन पहले कर लेनी चाहिए।
विज्ञापन
1 of 5
होली से पहले की तैयारी - फोटो : Adobe
Holi Kab Hai 2026: होली भारत का एक प्रमुख और रंगों से भरा त्योहार है, जो फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और प्रेम, भाईचारे व उत्साह का प्रतीक है।

होली का संबंध भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद और दैत्यराज हिरण्यकश्यप की कथा से जुड़ा है। कहानी के अनुसार, प्रह्लाद की भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका की मदद से उसे अग्नि में जलाने की कोशिश की, लेकिन अंत में बुराई का नाश हुआ और प्रह्लाद सुरक्षित रहे। इसी घटना की याद में होलिका दहन किया जाता है।

होली मनाने के लिए पहले दिन होलिका दहन होता है। अगले दिन धुलंडी यानी रंगों की होली खेली जाती है। इस दौरान लोग एक दूसरे को रंग लगाकर गले मिलते हैं और मिठाइयां खिलाकर शुभकामनाएं देते हैं। होली से लगभग 15 दिन पहले ही घरों, बाजारों और मोहल्लों में इसकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। 

आइए जानते हैं कि होली से पहले किन-किन तैयारियों की परंपरा है और कैसे आप भी इस त्योहार को यादगार बना सकते हैं।

होली कब है 2026?

इस वर्ष 3 मार्च को सूर्य ग्रहण लग रहा है। इस कारण होलिका दहन 2 मार्च 2026 को होगी और रंगों की होली 4 मार्च को खेली जाएगी।
विज्ञापन

2 of 5
साफ सफाई - फोटो : Adobe
होली से 15 दिन पहले शुरू हो जाती हैं ये तैयारियां

घर की सफाई और सजावट

होली से दो हफ्ते पहले लोग अपने घरों की विशेष सफाई करते हैं।
  • पुराने सामान को हटाना
  • घर की पुताई या रंगाई
  • सजावटी लाइट्स और फूलों से सजावट
यह परंपरा सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है।
विज्ञापन

3 of 5
Holika Dahan - फोटो : Adobe Stock
होलिका दहन की तैयारी

मोहल्लों , गांवों या गली के चौराहों पर 10-15 दिन पहले से लकड़ी और उपले इकट्ठा किए जाते हैं। होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की रात को किया जाता है। यह बुराई के अंत और अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

रंग और गुलाल की खरीदारी

बाजारों में रंग-बिरंगे गुलाल, पिचकारी और पानी के गुब्बारे दिखाई देने लगते हैं। आजकल लोग केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

4 of 5
होली पर गुझिया कैसे बनाएं - फोटो : Adobe stock
मिठाइयों और पकवानों की तैयारी

होली बिना मिठाइयों के अधूरी है।
  • गुजिया
  • मठरी
  • दही भल्ले
  • ठंडाई

कई घरों में 7-10 दिन पहले से ही इनकी तैयारी शुरू हो जाती है। इसके अलावा उत्तर भारत में होली के मौके पर पारंपरिक व्यंजनों में पापड़ का भी चलन है जो होली से कई दिनों पहले ही बनाने शुरू कर दिए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
होली की खरीदारी - फोटो : Adobe stock
कपड़ों और गिफ्ट्स की खरीदारी

लोग नए सफेद या हल्के रंग के कपड़े खरीदते हैं ताकि रंगों की मस्ती का पूरा आनंद ले सकें। रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए उपहार भी खरीदे जाते हैं।
 
सांस्कृतिक कार्यक्रम और होली मिलन

स्कूल, कॉलेज और सोसाइटी में होली मिलन समारोह की तैयारी पहले से शुरू हो जाती है। गीत-संगीत, नृत्य और फाग उत्सव का आयोजन किया जाता है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें