रंगों के त्योहार होली के लिए हर कोई काफी उत्साहित होता है। इस त्योहार में लोग अपने घरों में तमाम तरह के पकवान बनाते हैं। इसके साथ ही एक-दूसरे के घर रंगों से होली खेलने जाते हैं।
एक समय था जब लोग होली खेलने के लिए रंग अपने घरों में ही बनाते हैं, लेकिन आज के समय लोग बाजार से ही रेडीमेड रंग खरीद लाते हैं। कई बार इन रंगों में केमिकल मिला होता है, जो त्वचा को डैमेज कर जाता है। केमिकल वाले रंगों की वजह से त्वचा पर जलन, खुजली और लालिमा की समस्या भी सामने आने लगती है।
अगर आप इन परेशानियों से बचना चाहते हैं तो रंग खेलने के लिए प्राकृतिक रंगों या हर्बल रंग का ही इस्तेमाल करें। अगर आप केमिकल वाले और हर्बल रंगों में पहचान नहीं कर पाते हैं, तो इस लेख में हम आपको इसके कुछ तरीके बताने जा रहे हैं। ताकि आप भी बाजार से बिना केमिकल वाले रंग खरीद कर ला सकें।