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Holi 2023: होली के लिए रंग खरीद रहे हैं तो रखें इन बातों का ध्यान, नहीं तो पड़ सकते हैं लेने के देने

Tue, 07 Mar 2023 07:04 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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होली - फोटो : pixabay
Holi 2023: होली का त्योहार इस बार 6 मार्च से ही शुरू हो रहा है। 6 मार्च को होलिका दहन है और रंग वाली होली 7 व 8 मार्च को खेली जाएगी। होली का दूसरा अर्थ रंग होता है। इस त्योहार पर लोग एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गले मिलते हैं और होली की शुभकामनाएं देते हैं। रंग-बिरंगे होली के रंगों से त्योहार मनाते हैं।बच्चे रंगों को लेकर बहुत उत्साहित रहते हैं। बाजारों में होली के रंग बिकने शुरू हो गए हैं। पक्के रंगों से लेकर कई तरह के अबीर गुलाब, हर्बल कलर बाजारों में मिल जाएंगे। हालांकि अक्सर लोग गलत या नकली रंगों का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी त्वचा पर रिएक्शन हो जाता है। होली के रंगों से चेहरे व त्वचा पर खुजली, जलन समेत कई तरह की समस्याएं हो सकती है। ऐसे में होली पर रंग खेलना है तो रंगों की खरीदारी सोच समझ कर रहें। होली पर रंग खरीदते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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होली - फोटो : instagram
पैकेजिंग की जांच

होली के लिए रंग खरीदने निकले हैं तो सबसे पहले रंग की पैकेजिंग की जांच अच्छे से करें। पैकेट पर रंगों में उपयोग होने वाली सामग्रियों को ध्यान से पढ़ें। अगर उसपर लिखा है कि रंग को बनाने में गुलाब, हल्दी, जैसी सामग्री का उपयोग हुआ है तो समझ जाएं कि यह नैचुरल रंग हैं। आप इस तरह के नैचुरल रंगों को खरीद सकते हैं। वहीं अगर रंग बनाने की सामग्री में केमिकल का उपयोग हुआ है तो रंग न खरीदें।
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होली 2023 - फोटो : istock
एक्सपायरी डेट की जांच

अक्सर दुकानदार होली के रंगों में पिछले साल के रंगों को शामिल कर के बेच देते हैं। इसलिए रंग खरीदते समय उनकी पैकेजिंग में एक्सपायरी डेट जरूर चेक कर लें। सामान्यत: नेचुरल रंगों में प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल होने के कारण उसकी एक्सपायरी डेट 6-7 महीने की होती है।

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होली 2023 - फोटो : अमर उजाला
रंग खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

केमिकल युक्त रंगों की पहचान पैकेट पर लिखी सामग्री के अलावा भी कई तरीके से की जा सकती हैं। केमिकल वाले रंगों में स्पार्कल होता है, जिससे इस तरह के रंग चमकीले दिखते हैं। रंगों की चमचमाहट देखकर उसे न खरीदें। यह रंग चेहरे पर लगाने से त्वचा छिल सकती हैं। इसलिए खरीदारी करते समय रंग को छूकर देखें कि कहीं उसमें स्पार्कल तो नहीं है। अगर डिब्बाबंद रंग खरीद रहे हैं तो दुकानदार से पूछ सकते हैं कि यह नेचुरल है या नहीं। नेचुरल कलर हल्के होते हैं।
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होली - फोटो : Pixabay
पैच टेस्ट

किस तरह के रंगों के उपयोग से त्वचा पर बुरा असर पड़ सकता है, इस बात का पता लगाने के लिए आप अपना स्किन पैच टेस्ट करवाएं। इससे पता चल जाएगा कि किन किन रंगों से त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है।
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स्पार्कल वाले रंग न खरीदें  - फोटो : Pixabay
स्पार्कल वाले रंग न खरीदें 

केमिकल युक्त रंगों की पहचान पैकेट पर लिखी सामग्री के अलावा भी कई तरीके से की जा सकती हैं। केमिकल वाले रंगों में स्पार्कल होता है, जिससे इस तरह के रंग चमकीले दिखते हैं। रंगों की चमचमाहट देखकर उसे न खरीदें। यह रंग चेहरे पर लगाने से त्वचा छिल सकती हैं। इसलिए खरीदारी करते समय रंग को छूकर देखें कि कहीं उसमें स्पार्कल तो नहीं है। अगर डिब्बाबंद रंग खरीद रहे हैं तो दुकानदार से पूछ सकते हैं कि यह नेचुरल है या नहीं। नेचुरल कलर हल्के होते हैं।
 
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होली के रंग - फोटो : अमर उजाला
लैब टेस्ट सर्टिफिकेट

रंगों की पैकेजिंग पर लैब टेस्ट सर्टिफिकेट नंबर जरूर लिखा रहता है। ऑर्गेनिक कलर्स बनाने वाले निर्माता रंगों की जांच के बाद उसके पैकेट पर लैब टेस्ट सर्टिफिकेट नंबर दर्ज कराते हैं। रंग खरीदते समय आप इस नंबर की जांच कर लें। अगर नंबर न लिखा हो तो रंग न खरीदें। 
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