होली का त्योहार बस दस्तक देने ही वाला है! रंगों की इस बहार के लिए हर घर में तैयारियां जोरों पर हैं। जहां महिलाएं स्वादिष्ट पकवानों की तैयारी में जुटी रहती हैं, वहीं घर के पुरुष खोया और मेवों के इंतजाम के लिए मंडियों के चक्कर लगाने लगते हैं। होली का त्योहार सिर्फ रंगों का ही नहीं, बल्कि स्वाद और मिठास का भी है और जब बात होली की हो, तो गुजिया का नाम खुद-ब-खुद ज़ुबां पर आ ही जाता है। ठंडाई, तरह-तरह के स्नैक्स और गुजिया की मिठास इस त्योहार का मजा दोगुना कर देती है। और हां, आलू के पापड़ की खस्ता महक भी हर घर में फैलने लगती है, जो होली की फीलिंग को पूरी तरह से सेट कर देती है।
लेकिन जैसे ही होली करीब आती है, एक सवाल हर साल मन में उठ ही जाता है, गुजिया और गुझिया में आखिर फर्क क्या है? अगर आपके मन में भी यह सवाल बार-बार आता है, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। चलिए, इस मीठे राज से पर्दा उठाते हैं।