निकोल्स के शुरुआती ट्वीट ने इस ओर भी ध्यान दिलाया कि प्रवासियों के जीवन में खाना क्या भूमिका अदा करता है। कुछ का कहना था कि अमरीका में अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों को कई बार 'एथनीक फूड' कहा जाता है और साथ ही 'सस्ता' भी। इसलिए कई लोग 'भारतीय स्ट्रीट फ़ूड के उन अमरीकी वर्ज़न' से वाक़िफ़ हैं, जिनमें असली भारतीय स्वाद नहीं बसता।
एक यूजर ने लिखा, ''असल में कोई 'भारतीय' खाना नहीं है। ''इसी तरह कोई करी फ्लेवर नहीं होता। ना ही कोई चाय टी होती है।'' उन्होंने बताया कि चाय दरअसल टी का हिन्दी अनुवाद है और करी, डिश की किस्म है, ना कि कोई फ्लेवर।