Shardiya Navratri 2024: 3 अक्तूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई है, जिसकी धूम आपको घरों से लेकर मां दुर्गा के पंडालों तक में दिखाई दे रही होगी। जगह-जगह लोगों ने माता रानी की स्थापना की है। पंडालों से लेकर घरों तक में लोग माता से पहले स्वरूप की पूजा कर रहे हैं।
4 अक्तूबर यानी कि शुक्रवार को नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। उनके दाहिने हाथ में माला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। मां ब्रह्मचारिणी को दूध, चीनी और पंचामृत का भोग लगाना काफी शुभ बताया गया है।
इसी के चलते आज हम आपको सही विधि से पंचामृत बनाना सिखाएंगे। ताकि आप भी अपने हाथों से पंचामृत बनाकर माता रानी को इसका भोग लगा सकें। ऐसा करने से माता रानी का दूसरा स्वरूप आपसे जरूर प्रसन्न होगा और आपकी हर मनोकामना पूरी होगी।