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हर गली-चौराहें पर आसानी से मिलने वाले इस ईरानी फूड की है बहुत मांग, जानें भारत में कैसे आया

Thu, 05 Mar 2020 09:50 AM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
समोसा सिर्फ रेहड़ी एवं फुटपाथ पर मिलने वाला पकवान नहीं है। समोसा रेस्त्रां से लेकर बड़े-बड़े होटलों की दहलीज पर इतराता है। हर भारतीय घर के स्वाद में चटखारे मारता है। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक के दिल का अजीज पकवान बन चुका है। छुट्टी हो या पिकनिक, मेहमान आए हों या दोस्त, समोसे के स्वाद के बिना कोई भी पार्टी पूरी नहीं होती है। सभा हो या संगोष्ठी चाय के साथ समोसा ही छाता है। कोई भी बाजार ऐसा नहीं है जहां आपको मुस्कारात हुआ समोसा न दिखे! गर्मागर्म तेल में तलता हुआ समोसा अपनी तरफ न खींचे। लेकिन, क्या आप जातने हैं कि समोसा भारतीय नहीं है। आइए जानते हैं क्या है आपके स्वादिष्ट समोसे की कहानी
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  • लेखन में सबसे पहले समोसे का जिक्र अबुल फाजी बेहकी (995-1077 ई.) ने किया है।
  • ईरान के इतिहासकार अबुल फाजी ने समोसे का वर्णन 'समबुश्क' एवं 'समबुस्ज' नाम से किया है।
अगली स्लाइड में पढ़ें- भारत कैसे आया समोसा?
 
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  • मुस्लिम व्यापारियों के जरिए 13वीं-14वीं शताब्दी में समोसा भारत पहुंचा।
  • समोसे को मुस्लिम राजवंशों का सरंक्षण मिला और उनका प्रिय पकवान बना गया।
  • प्रसिद्ध सूफी संत अमीर खुसरो ने भी समोसे को लेकर दिल्ली के सुल्तान के प्यार का जिक्र किया है। 

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भारत में ही इब्न बतूता को नसीब हुआ समोसा
  • अरब यात्री इब्न बतूता को समोसा भारत में ही खाने को मिला।
  • 14वीं शताब्दी में इब्न बतुता जब भारत आए तो उन्होंने समोसे का स्वाद चखा।
  • मोहम्मद बिन तुगलक के दरबार में इब्न बतूता को समोसे का खाने को मिला।
  • बकायदा इब्न बतूता ने इस समोसे का जिक्र किया और इसे समबुश्क लिखा।
  • उन्होंने लिखा कि कैसे कीमा के साथ बादाम, पिस्ता और अखरोट वाला समोसा उन्हें परोसा गया।
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  • कहा जाता है कि मध्य एशिया में समोसे में कीमा भरा जाता था।
  • जब समोसा भारत आया तो आलू के साथ हर भारतीय के मुंह का स्वाद बन गया।
  • भारत से पहले सीरिया, लेबनान और मिस्त्र में समोसा बनाता था।

 
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  • अमीर खुसरो ने तो एक कहावत ही कह डाली- समोसा क्यों नहीं खाया? जूता क्यों न पहना।
  • यहां तक की जब भारत में ब्रिटिश आए तो वह भी समोसे के स्वाद के गिरफ्त में आए गए।
  • पुर्तगाल, ब्राजील और मोजाम्बिक में 'समोसा' पेस्ट्री के तौर पर बनता है।
  • अरब में बनने वाले समोसे में मांस, प्याज, पालक और पनीर पड़ता है।
  • भारत में समोसे के अंदर आलू और मटर भरा जाता है। यहां यह तिकोना बनता है।
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