रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जिसमें मुसलमान रोजा रखते हैं। रोजे के दौरान सुबह से शाम तक खाने-पीने से परहेज किया जाता है। इस दौरान सहरी (सहूर) और इफ्तार का विशेष महत्व होता है। सहरी वह भोजन है, जो सूरज निकलने से पहले किया जाता है। यह फज्र (सुबह की नमाज) से पहले किया जाता है ताकि दिनभर एनर्जी बनी रहे। सहरी हल्की और पोषण से भरपूर होनी चाहिए, जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहे और दिनभर थकान न हो।
वहीं बात करें इफ्तार की तो इफ्तार वह भोजन है जिससे रोजा खोला जाता है। सूरज डूबने के बाद (मगरिब की नमाज के समय) इफ्तार किया जाता है। इसे आमतौर पर खजूर और पानी से शुरू किया जाता है, क्योंकि यह सुन्नत है। इसके बाद हल्के-फुल्के और पोषण से भरा खाना जैसे फल, जूस, फ्रूट चाट, समोसा, पकौड़े, शरबत आदि खाए जाते हैं। रमजान के महीने में इफ्तार और सहरी का विशेष महत्व होता है। सही और संतुलित भोजन से रोजा रखना और खोलना आसान हो जाता है। यहां कुछ झटपट और स्वादिष्ट रेसिपी दी गई हैं, जो एनर्जी से भरपूर और बनाने में आसान हैं।