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नवरात्रि में इसलिए नहीं खाए जाते प्याज और लहसुन, देवताओं के समय से जुड़ा है इसका इतिहास

Thu, 04 Apr 2019 09:54 AM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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प्याज लहसुन
नवरात्रि आने से पहले लोग बाजार से प्याज खरीदकर लाना बंद कर देते हैं और घर में रखें प्याज को खत्म करने में जुट जाते हैं। आपने कई बार लोगों क यह कहते हुए सुना होगा कि नवरात्रि में प्याज और लहुसन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके पीछे की वजह पूछने पर कोई धार्मिक मान्यताओं का हवाला देता है तो बहुत सारे लोगों का कहना होता है कि प्याज और लहुसन तामसिक भोजन की श्रेणी में आता है। 

तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों तामसिक भोजन खासतौर से प्याज और लहसुन को व्रत के दौरान खाने से मना किया जाता है।
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onion garlic
व्रत के दौरान प्याज और लहसुन खाने से इंसान की कामुक ऊर्जा जागृत होने लगती है। ये पेट में गर्मी पैदा करता है और डाइजेशन सिस्टम के लिए ठीक नहीं होता। इसके साथ ही दोनों को व्रत के दौरान खाने से व्यक्ति अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण खो देता है। जो उपासना के मार्ग से भटका सकता है। 
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onion ginger garlic
इसके पीछे एक पोराणिक कथा भी है। कहा जाता है कि समुंद्र मंथन से निकले अमृत को मोहिनी रूप धारण करे हुए भगवान विष्णु जब देवताओं में बांट रहे थे तभी दो राक्षस राहु और केतू ने धोखे से अमृत का सेवन कर लिया था। भगवान विष्णु को जैसे ही यह मालूम हुआ तो उन्होंने क्रोध में असुर का सर धड़ से अलग कर दिया।

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प्याज
राहु केतू तभी जमीन पर गिरकर नष्ट हो गए लेकिन दोनों के मुख में अमृत पहुंच चुका था इसलिए दोनों के मुख अमर हो गए। इतना ही नहीं उनके सिरों में से अमृत की कुछ बूंदें जमीन पर गिर गईं जिनसे प्याज और लहसुन उपजे।
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onion peel
प्याज और लहसुन दोनों ही अमृत की बूंदों से उपजे हैं। इसलिए यह रोगों को नष्ट करने में फायदेमंद होते हैं। इनमें मिला अमृत राक्षसों के मुख से होकर गिरा हैं, इसलिए इनमें तेज गंध है। यही वजह है कि इन्हें अपवित्र माना जाता है और देवी देवताओं के भोग में इस्तेमाल नहीं किया जाता।
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garlic
माना जाता है कि जो लोग प्याज और लहसुन का सेवन करते हैं उनका शरीर राक्षसों की तरह मजबूत तो हो जाता है, लेकिन उनकी बुद्धि और सोच विचार भी राक्षसों की तरह दूषित हो जाती है।
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