फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महानवमी भोग 2026: मां सिद्धिदात्री का प्रिय भोग क्या है? नवमी की पूजा में न भूलें ये चीजें

Mon, 19 Oct 2026 06:30 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Maha Navami bhog 2026: नवरात्रि के अंतिम या नवमी तिथि को मां सिद्धिदात्री का पूजन होता है। इस मौके पर उनका प्रिय भोग बनाकर अर्पित करें।
विज्ञापन
1 of 5
नवमी पर भोग में क्या बनाएं - फोटो : Ai
Maa Siddhidatri Bhog Recipe:  शारदीय नवरात्रि का नौवां दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है। इस दिन भक्त माता रानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-समृद्धि, ज्ञान, आरोग्य तथा मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सिद्धियां प्रदान करने वाली देवी हैं।

यही वजह है कि नवरात्रि की महानवमी पर माता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन कन्या पूजन, हवन और विशेष भोग अर्पित करने की परंपरा भी निभाई जाती है।
 
मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री को हलवा, पूड़ी, चना और नारियल का भोग प्रिय है। नवरात्रि के दौरान अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन के समय भी हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रसाद तैयार किया जाता है। भक्त श्रद्धापूर्वक माता को भोग लगाकर कन्याओं को प्रसाद खिलाते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं।

मां सिद्धिदात्री की आराधना से जीवन में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होने की मान्यता है। अगर आप भी महानवमी पर मां दुर्गा के इस दिव्य स्वरूप को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो पूजा के साथ उनके लिए सात्विक भोग तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं मां सिद्धिदात्री का प्रिय भोग, उसे बनाने का आसान तरीका और इस दिन की पूजा से जुड़ी खास बातें।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
Navami Special Bhog Recipe - फोटो : अमर उजाला
नवमी पर मां सिद्धिदात्री को भोग में क्या अर्पित करें? 
 
नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। उन्हें सिद्धि, ज्ञान और पूर्णता प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। प्रचलित मान्यता के अनुसार, इस दिन देवी को तिल अर्पित किए जाते हैं। नवमी पर कई परिवारों में हलवा, पूरी और चने का प्रसाद बनाकर कन्या पूजन किया जाता है।
 
विज्ञापन

3 of 5
हलवा चना और पुड़ी का भोग - फोटो : iStock
हलवा, पूड़ी और काले चने का भोग
 
महानवमी पर हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रसाद तैयार करने की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है। कई घरों में इसे कन्या पूजन का मुख्य प्रसाद माना जाता है। सूजी का हलवा घी, सूजी, चीनी और पानी या दूध से बनाया जा सकता है। वहीं काले चनों को भिगोकर उबालने के बाद जीरा और हल्के मसालों के साथ तैयार किया जाता है। पूड़ी आटे से बनाकर तली जाती है।

4 of 5
coconut - फोटो : Adobe stock
नारियल का भोग 
 
मां सिद्धिदात्री की पूजा में नारियल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। भक्त माता को साबुत नारियल या नारियल से बनी मिठाई अर्पित कर सकते हैं। धार्मिक परंपराओं में नारियल को शुभता, समर्पण और मंगल का प्रतीक माना जाता है। आप चाहें तो पूजा की थाली में नारियल के साथ फल और बताशे भी रख सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
फल - फोटो : Adobe
मौसमी फल और मिठाई

अगर आपके पास अधिक समय नहीं है, तो माता को केले, सेब या अन्य मौसमी फलों का भोग लगा सकते हैं। घर में बनी खीर या कोई सात्विक मिठाई भी अर्पित की जा सकती है। भोग का महत्व केवल पकवानों की संख्या में नहीं, बल्कि श्रद्धा और शुद्ध भाव में माना जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें