induction cooking
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कैसे करता है काम
इंडक्शन कुकटॉप देखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन इसके पीछे का विज्ञान बेहद रोचक और जादुई है। जब आप अपने कुकटॉप को चालू करती हैं, तो सिरेमिक ग्लास के नीचे स्थित तांबे की कुंडली में करंट प्रवाहित होने लगता है, जिससे उसके चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र बनता है। जब कुकटॉप पर इंडक्शन के अनुकूल कोई बर्तन रखा जाता है, तो चुंबकीय क्षेत्र बर्तन के अंदर विद्युत धारा उत्पन्न करता है, जिससे बर्तन खुद एक 'हीटर' में बदल जाता है।
वैज्ञानिकों ने इसे चुंबकीय प्रेरण (मैग्नेटिक इंडक्शन) के सिद्धांत पर बनाया है। इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें तापमान बहुत तेजी से घटता और बढ़ता है। पानी और खाना न केवल जल्दी गरम होते हैं, बल्कि बर्तन हटाते ही सतह तेजी से ठंडी हो जाती है। चूंकि विद्युत चुंबकीय तरंगें केवल खास धातुओं के साथ क्रिया करती हैं, इसलिए आपको स्टील या कच्चा लोहा (कास्ट आयरन) जैसे बर्तनों का उपयोग करना होगा। आप घर पर एक छोटा सा टेस्ट कर सकती हैं- बर्तन के तले पर एक चुंबक लगाकर देखें, अगर चुंबक चिपक जाए तो वह बर्तन इंडक्शन के लिए तैयार है।