देश खाद्यान्न की कमी से जूझ रहा था। अमेरिका ने भी भारत को खाद्यान्न के निर्यात रोकने की धमकी दे दी थी। देश के लोगों से लाल बहादुर शास्त्री ने अपील किया कि वो हफ्ते में एक दिन एक वक्त व्रत रखें। यही नहीं उन्होंने देशवासियों के सामने मिसाल पेश करते हुए कहा कि उनके परिवार में, "कल से एक हफ्ते तक शाम को चूल्हा नहीं जलेगा।" उनकी इस घोषणा का ऐसा असर हुआ कि उसके बाद कुछ दिनों तक अधिकतर रेस्तरां और होटलों तक में भी इसका पालन हुआ।