नासिक,उज्जैन और हरिद्दार में कुंभ का लुत्फ उठा सके चुके हैं
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संगम की रेती पर विदेशी संत और उनके यूरोपीय भक्तगणों का व्यंजन इन दिनों काली मिर्च, जीरा, हल्दी, इलायची, सरसों, मगरैल, अदरक के बिना अधूरा है। इसके अलावा संतों की रसोई का जायका बढ़ाने के लिए राजस्थान एवं गुजरात के खानसामे भी आए हैं।