अगर आप से कहा जाए कि चाय की एक चुस्की दिन भर के आपके तनाव को दूर करने के साथ आपकी याददाश्त को भी बेहतर बनाती है तो आप ये बात सुनकर आप थोड़े हैरान जरूर हो सकते हैं।चाय की चुस्की का दिमाग तेज करने से क्या मतलब... तो आपको बता दें, अच्छी नींद, दिल की सेहत का ध्यान रखने के अलावा याददाश्त तेज करने तक सभी काम करता है अश्वगंधा। आयुर्वेद भी मानसिक और शारीरिक थकान दूर करने के लिए हर रोज एक या दो कप अश्वगंधा की चाय पीने की सलाह देता है। आइए जानते हैं अश्वगंधा की चाय पीने से होते हैं क्या फायदे और कैसी बनाई जाती है यह चाय।
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चाय बनाने की विधि –
अश्वगंधा की चाय बनाना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले आपको आधा कप पानी में आधा कप दूध डालकर एक चम्मच चीनी, एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाकर तब तक गर्म करना है जब तक पानी आधा न रह जाए। इसमें एक चुटकी इलायची भी मिला दें। इस चाय को गुनगुना होने तक ठंडा कर लें। आप इस चाय में तुलसी के पत्ते भी मिला सकते हैं।
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अश्वगंधा के फायदे –
दिल की सेहत के लिए –
अश्वगंधा चाय में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी होते हैं। अश्वगंधा हृदय में रक्त संचार में सुधार लाने के साथ ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल रखने में मदद करता है।
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अच्छी नींद –
अश्वगंधा की चाय नींद पूरी करने में मदद करती है। इसमें मौजूद नर्विन प्रौपर्टीज शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के साथ नर्वस सिस्टम को भी सुचारू रूप से काम करने में मदद करती है।
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तनाव के लिए –
अश्वगंधा की चाय में तनाव दूर करने वाले गुण मौजूद होते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कोर्टिसोल नामक हार्मोन को प्रभावित करते हैं जिससे तनाव कम होता है।
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रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है –
अश्वगंधा की चाय में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं। ये इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के साथ शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने और संक्रमण से बचाने में मददगार है।
तेज याददाश्त – अश्वगंधा में फ्लेवोनॉयड और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो दिमाग को तेज करने में मदद करते हैं। अश्वगंधा अल्जाइमर और अन्य दिमागी समस्याओं के उपचार में सहायता करता है।