बंगालियों की बात हो और मछली की बात ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। बंगाल का नाम सामने आते ही सबसे पहले दिमाग में जो चीज आती है वो है दाल-भात और मछली। लेकिन क्या आपको पता है बंगालियों को सबसे ज्यादा कौन सी मछली पसंद है और उसकी खासियत क्या है।
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हिल्सा मछली
कहावत है कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है लेकिन अगर हिल्सा मछली की बात करें तो इसने ना जाने कितने सालों से अपने स्वाद से लोगों को एकजुट कर रखा है। यहां तक की बंगालियों के सभी शुभ कामों में इस मछली का रहना बेहद अहम होता है।
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हिल्सा मछली
बंगाल में लोग हिल्सा मछली को ‘इलिस’ नाम से जानते हैं। वैसे तो हिल्सा कुछ साल पहले तक देश के कई हिस्सों में पाई जाती थी लेकिन प्रदूषण की वजह से हिल्सा मछली अब बंगाल में भी बहुत कम पाई जाती है। हालांकि मानसून सीजन के दौरान बांग्लादेश से रोजाना बड़ी मात्रा में हिल्सा मिलती थी लेकिन पाबंदी की बाद से भारत में इस मछली के दाम दुर्गा पूजा के दौरान सातवें आसमान पर पहुंच जाते हैं।
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हिल्सा मछली
ये एक तैलीय मछली होती है जिसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इस मछली को बंगाली 50 से भी ज्यादा तरीकों से पका सकते हैं और उनके हर व्यंजन का स्वाद एक दूसरे से एकदम अलग होता है।
हिल्सा मछली की कीमत उसके वजन से तय होती है यानि कि जितनी बड़ी हिल्सा उतना ज्यादा उसका दाम। बरसात के मौसम में हिल्सा मछली बाजारों की रौनक ज्यादा बढ़ाती है और बंगाल के कोने-कोने में इस मछली के चर्चे सुनाई पड़ते हैं।