त्योहारों का मौसम आ गया है। नए नए पकवान घरों में ट्राई किए जाएंगे। खासतौर से मिठाई या फिर दूध से बनी चीजें। ऐसे मौकों पर मिलावट का खतरा भी मंडराता है। दूध, खोया जैसी चीजों में खूब मिलावट करके बेचते हैं। इससे बचने के लिए घर बैठें जांच लें कि मिठाई और मावा असली है या नकली।
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दूध में मिलावट की पहचान करना आसान है। थोड़े से दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाएं। अगर उसमें झाग आए तो समझ लें कि इसमें डिटर्जेंट की मिलावट है।
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सिंथेटिक दूध की पहचान करने के लिए दूध को हथेलियों के बीच रगड़ें। अगर साबुन जैसा लगे तो दूध सिंथेटिक हो सकता है।
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सिंथेटिक दूध गर्म करने पर हल्का पीला हो जाता है।
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ऐसे ही मिलावटी खोये की पहचान के लिए फिल्टर पर आयोडीन की दो से तीन बूंदे डालें। अगर यह काला पड़ जाए तो समझ लें कि यह मिलावटी है।
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खोया यानि मावा अगर दानेदार है तो यह मिलावटी हो सकता है। इसकी पहचान के लिए उंगलियों के बीच इसे मसलें, दाने जैसे लगें तो खोया मिलावटी है।
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मिलावटी घी की पहचान के लिए इसमें कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की मिला दें। अगर घी का रंग नीला हो जाए तो ये मिलावटी हो सकता है। अक्सर घी में आलू या शकरकंद की मिलावट की खबरें आती रहती हैं।
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पनीर को पानी में उबाल कर ठंडा कर लें। इसमें कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की डालें। अगर पनीर का रंग नीला हो जाए तो समझ लें कि यह मिलावटी है।
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मिठाई पर चढ़े चांदी के वर्क में एल्युमिनियम धातु की मिलावट की जाती है जो सेहत के लिए अच्छी नहीं होती। एल्युमिनियम की मिलावट की आसानी से जांच की जा सकती है। चांदी के वर्क को जलाने से वह उतने ही वजन की छोटी-सी गेंद जैसी हो जाती है। अगर वर्क मिलावटी हुआ तो वो स्लेटी रंग का जला हुआ कागज बन जाएगा।
चॉकलेट, कॉफी या चॉकलेट पाउडर में चिकोरी और गुड़ की मिलावट की जाती है। चॉकलेट का पाउडर बना लें और उस पाउडर पर एक गिलास पानी में छिड़कें। कॉफी और चॉकलेट पाउडर पानी के ऊपर तैरने लगेगा और चिकोरी नीचे बैठ जाएगी।
यही हाल गुड़ की मिलावट का है, पानी में चॉकलेट को डालिए अगर गुड तो चिकना मीठा सा लिसलिसा पदार्थ पानी में घुल जाएगा।