देशभर में धूमधाम से गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती को प्रकाश पर्व के तौर पर मनाया जा रहा है। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह का जीवन परोपकार और त्याग का जीता जागता उदाहरण है। वे एक आध्यात्मिक गुरु थे जिन्होंने मानवता को शांति, प्रेम, करुणा, एकता और समानता की सीख दी। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी धन-संपदा, राजसत्ता की प्राप्ति या यश के लिए लड़ाइयां नहीं लड़ीं। उन्होंने अन्याय, अधर्म, अत्याचार और दमन के खिलाफ लड़ाई लड़ी।