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Subhash Chandra Bose Birthday: सुभाष चंद्र बोस के ये विचार आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं

Wed, 23 Jan 2019 08:23 AM IST
kapil sharma लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Subhash Chandra Bose
भारत के स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा बने सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। उनके संघर्षों और देश की सेवा के जज्बे को देखते हुए महात्मा गांधी ने उन्हें देशभक्तों का देशभक्त कहा था। लोग प्यार से उन्हें नेताजी कहते थे। उनका प्रसिद्ध नारा, 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' आज भी लोगों के तन-मन में जोश भर देता है। आइए नेता जी के जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनके ऐसे ही विचारों के बारे में बता रहे हैं...
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नेता सुभाष चंद्र बोस - फोटो : PTI
''तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा''

''जो फूलों को देखकर मचलते हैं उन्हें कांटे भी जल्दी लगते हैं।''

''अपनी ताकत पर भरोसा करो, उधार की ताकत तुम्हारे लिए घातक है।''
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस
''जिस व्यक्ति में सनक नहीं होती, वह कभी भी महान नहीं बन सकता परन्तु सभी पागल व्यक्ति महान नहीं बन पाते। क्योंकि सभी पागल व्यक्ति प्रतिभाशाली नहीं होते। आखिर क्यों? कारण यह है की केवल पागलपन ही काफी नहीं है। इसके अतिरिक्त कुछ और भी आवश्यक है।''

''मैंने जीवन में कभी भी खुशामद नहीं की है। दूसरों को अच्छी लगने वाली बातें करना मुझे नहीं आता।''

''अपने कॉलेज जीवन की देहलीज पर खड़े होकर मुझे अनुभव हुआ, जीवन का कोई अर्थ और उद्देश्य है।''

''मध्या भावे गुडं दद्यात- अर्थात जहाँ शहद का अभाव हो वहां गुड से ही शहद का कार्य निकालना चाहिए।''

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Netaji Subhash Chandra Bose
''याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है''

''इतिहास में कभी भी विचार-विमर्श से कोई वास्तविक परिवर्तन हासिल नहीं हुआ है।''

''अगर आपको अस्थायी रूप से झुकना पड़े तब वीरों की तरह झुकना।''
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस
''समय से पहले की परिपक्वता अच्छी नहीं होती, चाहे वह किसी वृक्ष की हो, या व्यक्ति की और उसकी हानि आगे चल कर भुगतनी ही होती है।''

''अगर संघर्ष न रहे, किसी भी भय का सामना न करना पड़े, तब जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है।''

''आज हमारे अन्दर बस एक ही इच्छा होनी चाहिए, मरने की इच्छा ताकि भारत जी सके! एक शहीद की मौत मरने की इच्छा ताकि स्वतंत्रता का मार्ग शहीदों के खून से प्रशस्त हो सके।''
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