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Guru Ravidas Dohe: आज मनाई जा रही है गुरु रविदास जयंती, इस मौके पर पढ़ें रैदास के दोहे

Wed, 12 Feb 2025 09:42 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यहां रैदास के लोकप्रिय दोहे दिए जा रहे हैं, जिसे आप अपने करीबियों को भेजकर समानता और एकता के लिए प्रेरित कर सकते हैं और अपने जीवन में भक्ति का समावेश कर सकते हैं। इस वर्ष रविदास की जयंती पर पढ़िए रैदास के दोहे।
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रविदास के दोहे - फोटो : amar ujala
Guru Ravidas Dohe: आज यानी 12 फरवरी को संत रविदास की जयंती मनाई जा रही है। हर साल गुरु रविदास की जयंती माघ पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। कहा जाता है कि संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर गांव में हुआ था। वह 15वीं में जन्मे संत, कवि और समाज सुधारक हैं। गुरु रविदास को रैदास भी कहा जाता है। उनके दोहे और कविताएं प्रसिद्ध हैं। संत रविदास भक्ति आंदोलन के अगुआ थे। उन्होंने समानता और एकता के लिए खूब काम किया। उनके दोहों में भी जाति-पाति, भक्तिभाव जैसे विचार नजर आते हैं। संत रविदास की जयंती के मौके पर उनके दोहे पढ़ें और जीवन में आत्मसात करें।

यहां रैदास के लोकप्रिय दोहे दिए जा रहे हैं, जिसे आप अपने करीबियों को भेजकर समानता और एकता के लिए प्रेरित कर सकते हैं और अपने जीवन में भक्ति का समावेश कर सकते हैं। इस वर्ष रविदास की जयंती पर पढ़िए रैदास के दोहे।
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रविदास के दोहे - फोटो : amar ujala

जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात,
रैदास मनुष ना जुड़ सके, जब तक जाति न जात।

संत रविदास के दोहे 
 
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रविदास के दोहे - फोटो : amar ujala

ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न,
छोट-बड़ो सब सम बसै, रैदास रहे प्रसन्न।

संत रविदास 

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रविदास के दोहे - फोटो : amar ujala

कह रैदास खलास चमारा, जो प्रभु दासी सो प्रभु हमारा।

संत रविदास
 
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रविदास के दोहे - फोटो : amar ujala
 
मन चंगा तो कठौती में गंगा।
 
संत रविदास
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