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Guru Nanak Jayanti 2025: गुरु नानक जयंती कब है और क्या है इसका महत्व?

Tue, 28 Oct 2025 04:11 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Guru Nanak Jayanti 2025: गुरु नानक पर्व पर जानिए कब है प्रकाश पर्व, क्यों मनाई जाती है गुरु नानक देव जी की जयंती और उनके जीवन के प्रेरणादायक उपदेश।
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गुरु नानक जयंती 2025 - फोटो : amar ujala

Guru Nanak Jayanti 2025: गुरु नानक जयंती सिख समुदाय का सबसे पवित्र पर्व है। इसे गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह दिन सिख धर्म की नींव रखने वाले और मानवता, समानता तथा सच्चे जीवन का संदेश देने वाले गुरु नानक देव जी की जयंती के रूप में श्रद्धा और उत्साह से भरा होता है। भारत की धरती सदैव संतों, महापुरुषों और गुरु परंपरा की भूमि रही है। इन्हीं में से एक थे गुरु नानक देव जी, जिन्होंने अपने विचारों, करुणा और सादगी से मानवता को नया दिशा दी। गुरु नानक जयंती या गुरुपुरब सिख धर्म के पहले गुरु 'गुरु नानक देव जी' की जयंती के रूप में मनाई जाती है। यह सिखों का सबसे प्रमुख पर्व है, जिसे श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव से मनाया जाता है।
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Happy Guru Nanak Jayanti 2025 - फोटो : अमर उजाला

गुरु नानक जयंती 2025 कब है?

साल 2025 में गुरु नानक जयंती 5 नवंबर (बुधवार) को मनाई जाएगी। यह दिन कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आता है। इस पवित्र दिन पर देशभर के गुरुद्वारों में नगर कीर्तन, कीर्तन दरबार, और लंगर सेवा का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु प्रभात फेरी निकालते हैं और गुरु नानक जी के उपदेशों को याद करते हुए जीवन में सादगी, दया और सेवा का संदेश अपनाते हैं।

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गुरु नानक देव - फोटो : Amar Ujala

कौन थे गुरु नानक देव जी?

गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 ई. में पंजाब के तलवंडी, वर्तमान में पाकिस्तान के ननकाना साहिब, में हुआ था। उनके पिता का नाम मेहता कालू चंद और माता का नाम माता तृप्ता था। बचपन से ही वे आध्यात्मिक प्रवृत्ति के थे। उन्होंने समाज में फैली जाति-पांति, अंधविश्वास और भेदभाव का विरोध किया। गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन में चार बड़े धार्मिक यात्राएं कीं जिन्हें उदासियाँ कहा गया। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता, समानता, सेवा और प्रेम का संदेश दिया। उनका प्रसिद्ध वाक्य  

एक ओंकार सतनाम, करता पुरख, निर्भउ, निरवैर।

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दिल्ली के प्रसिद्ध गुरुद्वारा - फोटो : Adobe

गुरु नानक जयंती कैसे मनाई जाती है?

गुरुद्वारों में इस दिन विशेष सजावट की जाती है। जयंती से दो दिन पहले अखंड पाठ (गुरु ग्रंथ साहिब का लगातार 48 घंटे का पाठ) शुरू होता है। सुबह-सुबह प्रभात फेरियां निकलती हैं, जिनमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए नगर भ्रमण करते हैं। दिनभर लंगर चलती है, जहाँ हर धर्म और वर्ग के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं। यह गुरु नानक जी के समानता और सेवा के संदेश का प्रतीक है।

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गुरु नानक - फोटो : Amar Ujala

गुरु नानक जयंती का महत्व

यह पर्व हमें सिखाता है कि सच्ची पूजा केवल ईश्वर के नाम का स्मरण नहीं, बल्कि दूसरों की सेवा में निहित है। गुरु नानक जी ने कहा था, 

ना कोई हिन्दू, ना मुसलमान — सब इंसान हैं।

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Happy Guru Nanak Jayanti 2025 - फोटो : अमर उजाला

गुरु नानक देव जी के उपदेश और दर्शन

गुरु नानक देव जी ने सिखाया कि ईश्वर एक है, और वह हर जीव में विद्यमान है। उनका प्रसिद्ध संदेश “एक ओंकार सतनाम” आज भी मानवता को एकता का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और सत्य, कर्म और भक्ति के मार्ग को जीवन का आधार बताया। गुरु नानक जयंती सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मानवता के प्रति जागृति का दिन है।

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