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Healthy Vegetables: कचरा समझ कर फेंक देते हैं जिन सब्जियों के पत्ते, वो हैं सेहत का खजाना

Tue, 21 Jan 2025 09:38 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वस्थ रहने के लिए सबसे जरूरी है पौष्टिक आहार का सेवन। ठंड का मौसम विशेष रूप से बहुत से पोषक तत्वों के सेवन के लिए उपयुक्त होता है, जो आपको हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ-साथ अन्य सब्जियों के पत्तों से भी मिल सकता है।
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सब्जियों के पत्ते पोषक तत्वों से भरपूर - फोटो : istock
Vegetables leaves health benefits in hindi: जाड़े का मौसम हरी सब्जियों के इठलाने का होता है। इस समय पालक हो या मेथी, बाजार से लेकर घर के रसोई घर में अपनी हरियाली की आभा बिखेरती है। सर्दी के मौसम को हरी सब्जियों का मौसम भी कहा जा सकता है, क्योंकि इस समय कई प्रकार की ताजगी से भरपूर हरी पत्तेदार सब्जियां मिलती हैं, जैसे- पालक, मूली, सरा, मेथी, सरसों, बथुआ और कोलार्ड ग्रीन्स। इन सभी के पत्ते जहां खाने में स्वादिष्ट होते हैं, वहीं शरीर के लिए अत्यंत फायदेमंद भी होते हैं। इनमें फैट, कार्बोहाइड्रेटस, आयरन और कैल्शियम जैसे तत्वों की भरपूर मात्रा होती है।

हालांकि ये सभी पोषक तत्व आप हर मौसम में प्राप्त कर सकती हैं। अब आप कहेंगी कि मूली, मेथी, बथुआ तो केवल सर्दियों में मिलते हैं। हां यह सच है, लेकिन आप शलजम, चुकंदर, गोभी और सोया जैसी अधिकांश सब्जियों को काटते या साफ करते समय उनके जिन पत्तों को अनुपयोगी समझकर फेंक देती हैं, वे बेहद उपयोगी होते हैं। ये पत्ते सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। इन पत्तों में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो कि शरीर के लिए बहुत लाभदायक हैं। इन पत्तों की खास बात यह है कि ये दिल की बीमारियों के खतरे को कम करते हैं, साथ ही पेट, लिवर और किडनी की समस्याओं से बचाव में मददगार होते हैं।

वैसे आज के समय में 12 महीने हर तरह की सब्जियां मिल जाती हैं तो केवल सर्दी के मौसम पर निर्भर क्यों रहना? आप तरह-तरह की सब्जियों के पत्तों को हर मौसम में सलाद, सैंडविच, सूप या जूस के रूप में अपने भोजन का हिस्सा बना सकती हैं, जो आपको सेहतमंद रहने में मदद करेंगे।
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चुकंदर के पत्तों के फायदे - फोटो : Freepik
चुकंदर-शलजम : हड्डियों की मजबूती

बाजार में अक्सर चुकंदर और शलजम पत्तों समेत बेचे जाते हैं, लेकिन आपकी तरह ही अन्य महिलाएं भी इसे बेकार समझकर फेंक देती हैं। चुकंदर और शलजम के पत्ते विटामिन और आयरन जैसे कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। साथ ही इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है और वसा कम होता है, जिस वजह से ये अधिक पौष्टिक होते हैं। इनके सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं, एनीमिया जैसी बीमारी का खतरा कम होता है, इम्यूनिटी बूस्ट होती है और ये स्किन को हेल्दी रखने में भी मदद करते हैं।

साथ ही ये पत्ते विशेषकर शलजम के पत्ते विटामिन ए, बी और सी के अच्छे स्रोत हैं। ये फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं। इन पत्तों के सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। ये आंखों और पेट के लिए फायदेमंद होते हैं और जोड़ों के दर्द को कम करते हैं। इनका इस्तेमाल आप सलाद, सैंडविच के साथ-साथ चटनी और सब्जी बनाकर भी कर सकती हैं।
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अरबी के पत्ते - फोटो : instagram
अरबी : एनीमिया से राहत

अरबी के पत्ते न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो आपको कई बीमारियों से बचाते हैं। इन पत्तों में विटामिन बी, सी, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, डाइटरी फाइबर और एंटी-ऑक्सिडेंट मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। ये आंखों के स्वास्थ्य, कोलेस्ट्रॉल, हृदय स्वास्थ्य, उच्च रक्तचाप, पाचन तंत्र और एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होते हैं। भारतीय परिवारों में अरबी के पत्तों की सब्जी, साग और पकौड़े बनाए जाते हैं, जो कि बहुत स्वादिष्ट भी होते हैं।

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पत्तागोभी - फोटो : freepik.com
पत्तागोभी : सूजन करे कम

पत्तागोभी में भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल्स, फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं। साथ ही यह कम कैलोरी और हाई फाइबर वाली सब्जी है। यह पाचन क्रिया को बढ़ावा देने के साथ कब्ज की समस्या को कम करती है, कैंसर से बचाव करने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। फाइबर की भरमार वजन कम रखने और आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक है। इसके अलावा पेट में अल्सर से राहत और ब्रेस्ट में होने वाले दर्द को कम करने के लिए इसके पत्ते सहायक होते हैं। ये डायबिटीज, हृदय स्वास्थ्य और इन्फ्लेमेशन (सूजन) से जुड़ी समस्याओं को भी कम करने में मदद करते हैं।
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सोया मेथी - फोटो : instagram
सोया : सुंदर, स्वस्थ त्वचा

सोया के पत्ते केवल स्वाद और खुशबू में ही बेहतरीन नहीं होते, बल्कि ये विटामिन ए, सी, आयरन, कैल्शियम, मैंगनीज और फाइबर जैसे कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ये आपकी त्वचा को सुंदर और स्वस्थ बनाए रखते हैं, प्रतिरक्षा कार्यों को बढ़ावा देते हैं और पाचन संबंधी परेशानियों का इलाज करते हैं। सोया के पत्तों का उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने में किया जा सकता है, जैसे- पराठा, साग, सब्जी, चटपटी चाट और सूप, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। सोया के पत्तों का किसी भी रूप में किया गया सेवन हड्डियों को मजबूत बनाता है, श्वसन संक्रमण से राहत दिलाता है और नींद की समस्याओं को दूर करता है।
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पुदीना - फोटो : Adobe Stock
धनिया, पुदीना, तुलसी और करी पत्ता

इन सभी पत्तों का इस्तेमाल भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। धनिया पत्ते ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज पदार्थ और जल से भरपूर होते हैं। इनमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी), एंटीमाइक्रोबियल, एंटीडिस्लिपिडेमिक (रक्त में लिपिड्स कम करने वाला), एंटीहाइपरटेंसिव (रक्तचाप कम करने वाला) और न्यूरोप्रोटेक्टिव (तंत्रिका को सुरक्षा देने वाला) जैसे गुण होते हैं। इसके साथ ही ये डायबिटीज, मिर्गी, चिंता और अवसाद दूर करने तथा शरीर से विषाक्त पदार्थों की सफाई करने में भी बेहद मददगार होते हैं।

इसी तरह पुदीना की पत्तियों का उपयोग अधिकांशतः चटनी और ताजगी भरे ड्रिंक्स में किया जाता है, क्योंकि इसमें विटामिन ए, सी, बी-कॉम्प्लेक्स, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, एंटीवायरल, एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सिडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके सेवन से हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार होता है, मस्तिष्क के कार्य को बढ़ावा मिलता है और मुंह की दुर्गंध भी दूर होती है।

वहीं तुलसी को तो आयुर्वेद में औषषि के रूप में वर्णित किया गया है। ये पत्तियां विटामिन ए, सी, के और कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन तथा पोटैशियम जैसे खनिजों से भरपूर होती हैं। इनमें प्रोटीन और फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है। तुलसी की पत्तियों को मुख्य रूप से कच्चा ही खाया जाता है। इनका उपयोग हृदय रोग, श्वसन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इनका इस्तेमाल गुर्दे की पथरी को ठीक करने के साथ-साथ सामान्य सर्दी, सामान्य बुखार, गले की खराश और सिर दर्द ठीक करने के लिए भी किया जाता है।

इसके साथ ही मीठे नीम यानी करी पत्ते को प्राकृतिक औषधीय पौधा माना जा सकता है। इसका उपयोग खाने में स्वाद और सुगंध के लिए किया जाता है। करी पत्ता में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन्स और खनिज पदार्थ समेत सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इनको खाने से कैंसर, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर कम होता है, चोट लगने पर घाव ठीक होता है, सूजन कम होती है और अल्सर का प्रभाव कम होता है। इसमें कई गुण हैं, इसलिए खाने में इसका अधिक उपयोग करें।
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मूली - फोटो : Freepik.com
मूली-गाजर : इम्यूनिटी बूस्टर

ताजी मूली और गाजर, दोनों के पत्तों को फेंकने की जगह उनका उपयोग करना चाहिए। सर्दी के मौसम में मूली पत्तों की भुजिया बनाई जाती है, जो विटामिन सी से भरपूर होती है और इसमें फोलिक एसिड तथा अन्य विटामिन्स एवं खनिज पदार्थ (कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन, फॉस्फोरस) होते हैं। ये इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद करते हैं, साथ ही हीमोग्लोबिन बढ़ाते हैं, जिससे एनीमिया की समस्या ठीक होती है। डाइजेस्टिव सिस्टम और लो ब्लड प्रेशर की समस्या भी दूर होती है।

वहीं गाजर के पत्तों में भी ढेर सारे सेहतमंद गुण मौजूद होते हैं। इसके पत्ते काफी हद तक धनिया की तरह दिखते हैं। गाजर के पत्तों में विटामिन ए, सी और के मौजूद होते हैं। इसके अलावा ये पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और फाइबर के भी बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। इनके सेवन से वजन कम करने, आंखों की रोशनी बढ़ाने, कैंसर के जोखिम को कम करने और ओरल हेल्थ को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

लेट्यूस को जानें

लेट्यूस यानी सलाद पत्ता स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद है और नियमित आहार के अलावा इसका उपयोग सैंडविच, बर्गर में अधिक होता है। यह फाइबर, आयरन, विटामिन सी और फोलेट से भरपूर होता है, जबकि इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है, जो इसे विशेष बनाती है। लेट्यूस के सेवन से लिवर और मस्तिष्क  सही ढंग से काम करते हैं, साथ ही यह उनकी क्षति भी नहीं होने देता। यह कैंसर की रोकथाम, डायबिटीज, सूजन और वजन कम करने में भी मददगार साबित होता है।

इसलिए आप सब्जियों के साथ-साथ उनके पत्तों का भी अवश्य उपयोग करें। ये पत्ते पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। इसलिए आज से ही सब्जियों के पत्तों को फेंकने के बजाय अपने आहार में शामिल करें।
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पोषक तत्वों का भंडार - फोटो : संवाद
पोषक तत्वों का भंडार

इन पत्तों के अलावा कुछ अन्य पत्ते भी अपनी डाइट में अवश्य शामिल करें, जो सेहत को लाभ पहुंचाएंगे।

करमुआ का पत्ता

इसे वॉटर स्पिनेच के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रसिद्ध हरी पत्तेदार सब्जी है, जो खाने में स्वादिष्ट और सेहत के लिए लाभकारी है। इसमें काफी मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो खून की कमी दूर करता है। इसमें प्रोटीन, विटामिन सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के संचालन के लिए बहुत आवश्यक माने जाते हैं।

केल

'सब्जियों की रानी’ कही जाने वाली केल की पत्तियां बैंगनी या गहरे लाल रंग की होती हैं। इनका स्वाद थोड़ा तीखा होता है। केल में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, खनिज पदार्थ और फाइबर होते हैं। इनमें मुख्य रूप से एंटीऑक्सिडेंट, न्यूरोप्रोटेक्टिव, एंटीबैक्टीरियल और एंटीडायबिटिक गुण पाए जाते हैं।

चौलाई और कुलफा साग

चौलाई के पत्ते और कुलफा साग (पर्सलेन की पत्तियां) को भी अपनी डाइट में शामिल करें। इसके सेवन से शरीर को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिलते हैं, जो सेहत को लाभ पहुंचाते हैं।

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नोट - ये लेख आहार विशेषज्ञ प्रीता जैन से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर चिकित्सकीय परामर्श के मुताबिक डाइट तय करें।
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