गोवर्धन पूजा के दिन 56 भोग का महत्व
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गोवर्धन पूजा को क्यों कहते हैं अन्नकूट
मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जिस दिन गोवर्धन पर्वत उठाकर गोकुल वासियों की रक्षा की थी, उसे गोवर्धन पर्वत की पूजा के लिए समर्पित कर दिया गया। रक्षा के लिए आभार जताने के लिए हर साल गोकुल वासी गोवर्धन पर्वत को छप्पन भोग लगाकर विधि विधान से पूजा करने लगे। तब से गोवर्धन पूजा के लिए अन्नकूट का भोग अर्पित किया जाता है। अन्नकूट को "भोजन का पहाड़" कह सकते हैं। इसमें कई सारी सब्जियों को मिलाकर मिक्स सब्जी, कढ़ी चावल, पूड़ी, रोटी, खिचड़ी, बाजरे का हलवा आदि बनाकर अर्पित किया जाता है।